—Advertisement—

खाटूधाम में बाबा श्याम जन्मोत्सव 2025: यूरोपीय फूलों से सजा दरबार, 101 किलो का केक और 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर

Author Picture
Published On: 2 November 2025
448 252 23614400 thumbnail 16x9 khatu

—Advertisement—

खाटूधाम में धूमधाम से मनाया जा रहा है बाबा श्याम जन्मोत्सव – यूरोपीय फूलों की सजावट, 101 किलो केक और 24 घंटे खुला मंदिर

मध्य प्रदेश के पिपल्या कुमार के बाद भी देशभर में प्रसिद्ध पूरे भारतवर्ष में श्रद्धालुओं द्वारा भक्तिमय तरीके से मनाया जा रहा है खाटूधाम के पावन धाम में स्थित बाबा श्याम के दरबार में जन्मोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। इस वर्ष के आयोजन को विशेष रूप से उत्सवमय बनाया गया है जिसमें यूरोपीय 나라 से मंगवाए गए फूलों से श्रृंगार, 101 किलोग्राम का विशिष्ट केक काटा जाना, 56 भोगों की झांकी तथा सभी भक्तों के लिए 24 घंटे दर्शन-समय की सुविधा शामिल है।

यूरोपीय फूलों से भव्य श्रृंगार

इस अवसर पर श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि जन्मोत्सव की शोभा को और बढ़ाने के लिए बाबा श्याम के दरबार का सज-संवार विशेष रूप से किया गया है। इस बार यूरोपीय देशों से खुशबूदार व सुंदर फूल मंगवाए गए, जिनसे पूरे दरबार को सजीव एवं दिव्य रूप मिला है। साथ ही, रत्न जड़ित सोने का मोरपंखी मुकुट पहनाकर भगवान का श्रृंगार किया गया है।
फूलों की यह सजावट स्थानीय धार्मिक वातावरण को आधुनिक एवं वैश्विक स्पर्श देती है, जिससे भक्तों में उत्साह का भाव और भी प्रबल हुआ है।

101 किलो केक और विविध केक-भोगों की धूम

उत्सव के खास हिस्से के रूप में मंदिर कमेटी ने 101 किलोग्राम का मावे-का केक तैयार कर बाबा श्याम को भोग लगाया है। मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि मावे से तैयार ऐसे केक इस पहले भी कई बार बने हैं, लेकिन इस वर्ष यह विशिष्ट 101 किलो का केक विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बन गया है।
यहाँ तक कि एक किलो से लेकर एक क्विंटल तक के केक विभिन्न स्थानों से तैयार होकर आए हैं। एक होटल निदेशक अंकित अग्रवाल डब्बू ने बताया कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हरियाणा सहित देश-विदेश से भक्त केक लेकर शामिल हो रहे हैं। केक की इस धूम-धड़ाके ने मेले की भव्यता को और बढ़ा दिया है।

56 भोगों की झांकी और भक्तिपूर्ण अवसर

इस दो-दिवसीय मेले में 56 भोगों की झांकी सजाई गई है, जिसे देखते-देखते भक्तों में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। मंदिर कमेटी के मंत्री चौहान ने इस व्यवस्था का जिक्र करते हुए बताया कि इन भोगों में शुद्धता, भक्ति और समर्पण का भाव समाहित है।
भोगों की विविधता, केक-प्रस्तुति, फूलों की सुसज्जा — ये सभी मिलकर उत्सव को एक भव्य धार्मिक आयोजन का स्वरूप देते हैं, जहाँ हर श्रद्धालु को आनंदित अनुभव हो रहा है।

24 घंटे दर्शन की सुविधा और सुरक्षा-व्यवस्था

मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष के मेले में विशेष सुरक्षा-व्यवस्था की गई है। मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए इस मेले के दौरान पूरे 24 घंटे मंदिर खुला रहेगा। रात के वक्त भी श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।

सुरक्षा-पक्ष से, कमेटी के कोषाध्यक्ष कालू सिंह चौहान ने जानकारी दी है कि लगभग 1000 होमगार्ड्स और 1000 सुरक्षाकर्मी प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, मेला क्षेत्र में 230 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और मेडिकल सहायता हेतु 6 स्थान पर मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज अनुभव मिलेगा।

धर्मशाला, होटल, गेस्ट हाउस – पूर्ण रूप से बुक

खाटूधाम में इस मेले के चलते धर्मशाला, होटल एवं गेस्ट हाउस की बुकिंग पूरी तरह से हो चुकी है। मेले के पहले ही दिन से ही धर्मशालाओं-होटलों को रंग-बिरंगी रोशनी एवं सजावट से सजाया गया है, जिससे धार्मिक माहौल खूबसूरत और आकर्षक नजर आ रहा है। मंदिर कमेटी ने भक्तों से आग्रह किया है कि दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में इत्र, फूल आदि फेंकने से बचें — ताकि साफ-सफाई का स्तर बना रहे और सभी श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण अनुभव प्राप्त हो सके।

जन्मोत्सव मेले की समापन तिथि एवं भक्तों के लिए संदेश

इस दो-दिवसीय मेले का समापन रविवार को होगा। इस प्रकार भक्तों को आज से लेकर समापन तक के दौरान अपने दर्शन एवं भक्ति की यात्रा सुचारू करने का समय मिल रहा है।
मंदिर कमेटी ने विशेष रूप से कहा है कि आयोजन की गरिमा और सांस्कृतिक-धार्मिक पवित्रता को बनाए रखने हेतु भक्त कृपया संयमित व्यवहार करें — मंदिर परिसर में फूल, इत्र आदि वानसना हेतु न फेंके और सुरक्षित एवं समृद्ध वातावरण में शामिल हों।

निष्कर्ष

यह जन्मोत्सव न सिर्फ धार्मिक महत्ता रखता है, बल्कि इसे आधुनिकता एवं वैश्विकता के स्पर्श के साथ सजाया गया है — यूरोपीय फूलों की सजावट, विशाल 101 किलो केक, भक्तों की भीड़, संवदेनशील सुरक्षा-व्यवस्था और 24 घंटे खुला रहने वाला मंदिर— ये सभी मिलकर इस उत्सव को यादगार बना रहे हैं।
यदि आप इस मेले में शामिल होना चाहते हैं या दर्शन यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अब भी बुकिंग व व्यवस्था सुनिश्चित करें एवं उत्सव की गरिमा को बढ़ाते हुए श्रद्धा-भाव से भाग लें।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp