—Advertisement—

“भोपाल में 70 नई CNG बसें जल्द, 1000 अस्थायी कर्मचारी होंगे नियमित – नगर परिषद के बड़े विकास और प्रशासनिक फैसले”

Author Picture
Published On: 31 October 2025
IMG 4059

—Advertisement—

एमपी में जल्द दौड़ेंगी 70 नई CNG बसें, 1000 अस्थायी कर्मचारी होंगे नियमित – भोपाल नगर परिषद की बैठक में बड़े फैसले

भोपाल, मध्यप्रदेश: राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन और नगर निगम प्रशासन को सुधारने के लिए नगर परिषद ने गुरुवार को 14वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस बैठक में सबसे बड़ी खबर यह रही कि शहर में 70 नई CNG लो-फ्लोर बसें जल्द ही चलने वाली हैं। इससे पहले भोपाल में केवल 30 बसें ही संचालित हो रही थीं, जिससे यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

70 नई CNG बसें – भोपाल में सार्वजनिक परिवहन का सुधार

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) ने इनक्यूबेट कंपनी के साथ मिलकर शहर में नई CNG बसें चलाने की योजना बनाई है। इन नई बसों के संचालन से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। नगर परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया।

बैठक में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों ने परिवहन और अन्य मुद्दों पर तीखी बहस की, लेकिन अंततः सभी ने शहर के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों को समर्थन दिया।

बैरसिया तक बड़ा तालाब का पानी पहुँचाने की परियोजना

नगर परिषद ने बैरसिया क्षेत्र में बड़े तालाब का पानी पहुँचाने का भी प्रस्ताव मंजूर किया। इस परियोजना के तहत बांदीखेड़ी इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर तक लगभग 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह कदम बैरसिया क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर के विकास के लिए लिया गया है।

हालांकि, कांग्रेस पार्षदों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, उनका तर्क था कि शहर की अपनी पानी की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं, ऐसे में अन्य क्षेत्रों में पानी सप्लाई करना अनुचित है। इसके बावजूद, यह प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया।

1000 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी नौकरी

नगर परिषद की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि नगर निगम में पिछले 10 सालों से कार्यरत 1000 अस्थायी कर्मचारियों को अब नियमित (Permanent) किया जाएगा। इससे कर्मचारियों में स्थिरता आएगी और प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार होगा।

इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि जिन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप पाए जाएंगे, उनकी जांच निगमायुक्त स्तर पर की जाएगी। इससे नगर निगम में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित होगी।

इंजीनियरों का काम डिग्री और विशेषज्ञता अनुसार तय होगा

नगर परिषद ने इंजीनियरों के कार्य विभाजन में सुधार के लिए बड़ा निर्णय लिया। अब तक सिविल इंजीनियरों से बिजली और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों से सीवेज-सफाई का काम कराया जा रहा था। इसके कारण कई परियोजनाएं अटकी हुई थीं।

अब सभी इंजीनियरों को उनकी डिग्री और डिप्लोमा के अनुसार संबंधित शाखाओं में पदस्थ किया जाएगा, जिससे नगर निगम परियोजनाओं का कामकाज प्रभावी और सुचारू रूप से होगा।

तबादले के बाद भी अफसरों का रिलीव और वित्तीय शक्ति

नगर निगम प्रशासन ने अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान और उपायुक्त एकता अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाएगा।

साथ ही, अब अपर आयुक्त को 5 लाख रुपये की बजाय 50 लाख रुपये तक का बजट खर्च करने की शक्ति मिलेगी। यह कदम विकास परियोजनाओं में देरी को रोकने और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए लिया गया है।

उद्यान विभाग के खर्चों की जांच

नगर परिषद ने शहर में हरियाली बढ़ाने के नाम पर पिछले एक वर्ष में उद्यान विभाग द्वारा किए गए खर्चों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षदों ने विभाग के कामकाज पर गंभीर आपत्तियां जताईं।

अफसरों पर कांग्रेस और भाजपा की एकजुटता

बैठक में एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला जब कांग्रेस और भाजपा दोनों के पार्षद अफसरों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हुए। आरोप लगाया गया कि अपर आयुक्त और उपायुक्त न तो पार्षदों के फोन उठाते हैं और न ही बैठकों में भाग लेते हैं।

महापौर मालती राय को कांग्रेस पार्षदों ने शहर की टूटी सड़कों और अधूरे वादों की याद दिलाते हुए सदन में तख्तियां दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।

जीआईएस घोटाले पर हंगामा

बैठक में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS 2025) से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी हंगामा हुआ। विपक्ष ने एजेंडे से इस सवाल को हटाने का विरोध किया। भाजपा पार्षद जगदीश यादव ने सदन में बताया कि पुराने फाउंटेन मोटर को नया बताकर बिल पास किए गए, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

परिषद अध्यक्ष का बयान

परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा, “तबादले के बाद भी पद पर बने अफसरों को तुरंत हटाया जाएगा। कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिन कर्मचारियों या अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

निष्कर्ष

भोपाल नगर परिषद की यह बैठक शहर के विकास और प्रशासनिक सुधार के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है।

  • 70 नई CNG बसों के संचालन से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा।
  • बैरसिया तक पानी पहुंचाने से इंडस्ट्रियल क्लस्टर का विकास संभव होगा।
  • 1000 अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण प्रशासनिक स्थिरता लाएगा।
  • इंजीनियरों का कार्य विभाजन उनकी डिग्री और विशेषज्ञता के अनुसार होगा।
  • नगर निगम के बजट और उद्यान विभाग के खर्चों की जांच से पारदर्शिता बढ़ेगी।

इन सभी निर्णयों से यह स्पष्ट है कि भोपाल नगर निगम अब परिवहन सुधार, कर्मचारी स्थिरता, पानी की आपूर्ति, और भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठा रहा है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp