अपना दल (एस) मध्य प्रदेश इकाई द्वारा ओबीसी/एससी/एसटी सशक्तिकरण विषय पर चौथा ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र — 26 अक्टूबर को होगी महत्वपूर्ण चर्चा
भोपाल, 24 अक्टूबर 2025 :
मध्य प्रदेश में समाज के पिछड़े वर्गों के सामाजिक–आर्थिक उत्थान के मिशन को आगे बढ़ाते हुए, अपना दल (एस) की मध्य प्रदेश इकाई एक विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रही है। इस चौथे प्रशिक्षण सत्र का आयोजन 26 अक्टूबर 2025 को होगा और इसका विषय है “ओबीसी / एससी / एसटी वर्ग को सशक्त बनाना”। इस सत्र का उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों को इन वर्गों के अधिकारों और सामाजिक समानता के विषय में जागरूक करना है, ताकि गांव-मोहल्ले तक जाएँ और वहां के समुदायों को समान अवसर, सम्मान एवं सामाजिक समरसता का अनुभव मिल सके।
सत्र का आयोजन और प्रमुख वक्ताओं की सूची
यह प्रशिक्षण सत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल के निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इस ट्रेनिंग सत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया है। प्रमुख वक्ताओं एवं प्रशिक्षकों में शामिल हैं:
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सूर्यभान सिंह — पार्टी के राष्ट्रीय सचिव
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कालका प्रसाद — पार्टी के राष्ट्रीय सचिव
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डॉ. अखिलेश पटेल — पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, युवा मंच
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मान सिंह बिसेन — मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता
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देवेंद्र प्रताप सिंह — मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता
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मोहन नरवरिया — पूर्व सदस्य, मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग मंत्रालय की ज्यूरी
इन सभी प्रशिक्षकों का अनुभव और उनका संगठन-प्रशासन में योगदान इस सत्र को विशिष्ट बनाएगा।
प्रशिक्षण सत्र का महत्व
यह प्रशिक्षण सत्र पार्टी की ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों को सशक्त बनाने की रणनीति का एक अहम हिस्सा है। आर. बी. सिंह पटेल ने कहा है, “अपना दल (एस) का लक्ष्य इन वर्गों को सशक्त बनाकर समाज में समानता और सम्मान सुनिश्चित करना है। हमें कार्यकर्ताओं के माध्यम से हर गांव और मोहल्ले तक पहुंचना होगा और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना होगा।”
यह आयोजन सिर्फ एक संगठनात्मक प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि यह पार्टी के मध्य प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सत्र के माध्यम से कार्यकर्ताओं को न केवल सशक्त बनाने की जानकारी दी जाएगी, बल्कि उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार वे स्थानीय-स्तर पर ओबीसी, एससी और एसटी समुदायों के बीच पहुंच बढ़ा सकते हैं, उनके मुद्दों को समझ सकते हैं, और उनको समुचित प्रतिनिधित्व एवं सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्य एजेंडा और प्रशिक्षण की रणनीति
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आरights Awareness (अधिकार जागरूकता): ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों को संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देना।
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समुदाय-संवाद एवं जोड़-तोड़: कार्यकर्ताओं को यह सिखाया जाएगा कि किस तरह वे गांव-मोहल्लों में स्थानीय संदर्भ और सामाजिक संरचनाओं को समझते हुए संवाद शुरू कर सकते हैं।
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संगठनात्मक नेटवर्किंग: शाखा-स्तर से लेकर ब्लॉक-और जिला-स्तर तक संगठन को मजबूत बनाना और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना।
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चुनावी तैयारी: आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक रणनीति विकसित करना — ओबीसी, एससी, एसटी वर्गों को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक तौर पर अधिक सक्रिय सहभागिता दिलाना।
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समस्याओं की पहचान एवं समाधान: स्थानीय स्तर पर इन वर्गों को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है — जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक भेद-भाव — उनके लिए समाधान-आधारित दृष्टिकोण तैयार करना।
कार्यकर्ताओं के लिए संदेश
इस प्रशिक्षण सत्र में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी इस माध्यम से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाए। भाग लेने वालों को सलाह दी गई है कि वे तैयार होकर आएँ — अपनी स्थानीय जानकारी, ओबीसी/एससी/एसटी समुदायों के मुद्दे, हमारे संगठनात्मक अभियान, और इस वर्गों के सशक्तिकरण के बारे में पहले से सोच रखें।
इसके साथ-साथ, कार्यकर्ता यह विचार कर सकते हैं कि किस तरह वे गांव-मोहल्ले में “समाज में समानता और सम्मान” के इस लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचा सकते हैं। यह एक अवसर है कि वे अपने क्षेत्रीय संदर्भ में इन वर्गों के बीच आने-जाने वाले बाधाओं को समझें, समाधान सुझाएं और पार्टी के मकसद को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाएँ।
निष्कर्ष
इस तरह, अपना दल (एस) का यह चौथा ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समावेशन और राजनीतिक सहभागिता का एक महत्त्वपूर्ण कदम है। ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों के सशक्तिकरण के इस मिशन में संगठनात्मक प्रशिक्षण, सामाजिक जागरूकता, कार्यकर्ता-प्रसार और चुनावी तैयारी — सभी का क्रस्टल रूप से समावेश है। 26 अक्टूबर से आरंभ होने वाला यह सत्र मध्य प्रदेश में पार्टी की सक्रियता और संगठन के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यकर्ताओं को इस सत्र का पूरा लाभ उठाना चाहिए — ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ओबीसी/एससी/एसटी समुदायों को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें और समाज में समानता एवं सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई को गति दे सकें।
