बिहार विधानसभा चुनाव 2025: महागठबंधन की प्रेस वार्ता में सीट बंटवारे और नेतृत्व पर चर्चा, तेजस्वी यादव बने CM उम्मीदवार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ पूरी तरह तेज हो गई हैं। महागठबंधन ने इस बार भी अपनी एकता को कायम रखते हुए चुनावी रणनीतियों पर जोर देना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और वामदल के वरिष्ठ नेताओं ने पटना में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर अपनी स्थिति साफ की।
महागठबंधन की प्रेस वार्ता: तेजस्वी-गहलोत बंद कमरे में चर्चा
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सभी पार्टियों ने अब तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर लंबी चर्चाएँ चल रही थीं। इसी कड़ी में महागठबंधन ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता बुलायी। प्रेस वार्ता से पहले नेताओं ने बंद कमरे में बैठक की।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सबसे पहले राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत से मिले। इस बैठक में सीट बंटवारे, चुनाव प्रचार की रणनीतियाँ और आगामी पांच वर्षों के लिए सरकार के एजेंडा पर बातचीत हुई।
महागठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता जैसे VIP प्रमुख मुकेश सहनी और वामदल के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ें और बिहार की जनता को स्पष्ट संदेश दें।
सीटों का बंटवारा: कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा?
महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से असमंजस की स्थिति रही। आखिरकार अब यह तय किया गया है कि
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RJD: 135 सीटें
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कांग्रेस: 61 सीटें
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VIP: 16 सीटें
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CPI(ML): 20 सीटें
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CPI: 9 सीटें
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CPM: 4 सीटें
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IIP: 3 सीटें
कुल मिलाकर महागठबंधन ने 254 उम्मीदवार उतारे हैं। इस दौरान 12 सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति बनी हुई है, जहां एक ही क्षेत्र में गठबंधन के दो दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। कुछ सीटों पर नामांकन वापस भी लिए गए हैं, जैसे लालगंज में कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया और गौड़ाबौराम में VIP प्रत्याशी के नामांकन के बाद RJD ने अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया।
इस तरह का समायोजन महागठबंधन की रणनीति का हिस्सा है ताकि सभी दल संतुलन बनाए रखें और चुनाव में मत विभाजन से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार: तेजस्वी यादव
महागठबंधन के नेताओं ने प्रेस वार्ता से पहले यह निर्णय लिया कि RJD नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाएगा। इस निर्णय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भी सहमति जताई।
हालांकि, प्रेस वार्ता के पोस्टरों में केवल तेजस्वी यादव की तस्वीर होने से कांग्रेस में असंतोष देखा गया। कांग्रेस नेता उदित राज ने इसे ‘सम्मान की अनदेखी’ कहा और स्पष्ट किया कि राहुल गांधी बिहार में चुनाव प्रचार की मुख्य भूमिका निभाएंगे। महागठबंधन ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि पोस्टरों पर केवल एक चेहरा होने के बावजूद सभी दल मिलकर प्रचार करेंगे।
तेजस्वी यादव ने इस मौके पर कहा कि उनका लक्ष्य बिहार में रोजगार बढ़ाना, महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ‘चले बिहार, बदले बिहार’ अभियान इसी उद्देश्य से शुरू किया गया है।
फ्रेंडली फाइट और विवादित सीटें
कुछ सीटों पर कांग्रेस और RJD के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होने की संभावना बनी हुई है। यह स्थिति 10 सीटों पर नजर आ रही है, जिनमें वारसिलीगंज, नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली, सिकंदरा, बछवाड़ा, बिहारशरीफ, करगहर और राजापाकड़ शामिल हैं।
विशेष रूप से छह सीटों पर RJD के उम्मीदवार कांग्रेस को चुनौती दे रहे हैं। इसके अलावा, कुछ सीटों पर VIP और वामदल के उम्मीदवारों के बीच भी ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति देखने को मिल सकती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि महागठबंधन ने संतुलन बनाए रखने के लिए रणनीतिक कदम उठाए हैं।
भाजपा और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा ने महागठबंधन के भीतर चल रहे विवादों पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि NDA में कोई मतभेद नहीं हैं और नीतीश कुमार ही NDA के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। उन्होंने महागठबंधन की एकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर चल रही असहमति विपक्ष के लिए चुनौती बन सकती है।
इसके अलावा, भाजपा ने यह भी जोर दिया कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने बिहार के विकास और प्रशासनिक सुधारों में क्या योगदान दिया, यह जनता के सामने होना चाहिए। चुनाव में मुद्दा यही है कि सरकार ने जनता के लिए क्या किया और विपक्ष आने वाले पांच वर्षों में क्या करेगा।
महागठबंधन की चुनावी रणनीति
महागठबंधन ने चुनाव की तैयारियों में तेजी ला दी है। मुख्य रणनीति में रोजगार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही सीट बंटवारे में संतुलन बनाने के लिए ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति का लाभ उठाने की योजना बनाई गई है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर जीविका दीदियों और संविदा कर्मियों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाएगा। यह योजना ग्रामीण विकास और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली है।
महागठबंधन की ओर से यह भी कहा गया कि बिहार के हर क्षेत्र में जनता को स्पष्ट संदेश देने के लिए सभी दल मिलकर चुनाव प्रचार करेंगे। राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता बिहार में चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन ने सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया है। तेजस्वी यादव को CM उम्मीदवार बनाया गया है और सभी दल एकजुट होकर प्रचार करेंगे।
हालांकि, कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट और पोस्टरों में केवल तेजस्वी यादव की तस्वीर को लेकर विवाद बना हुआ है। इसके बावजूद महागठबंधन ने अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर ली है और आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला रोचक होने की संभावना है।
भाजपा और अन्य विपक्षी दल महागठबंधन की एकता और रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन RJD, कांग्रेस, VIP और वामदल का यह गठबंधन चुनाव में मजबूत स्थिति बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जनता का फोकस विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय पर रहेगा। महागठबंधन का उद्देश्य इन मुद्दों को सामने रखते हुए चुनाव जीतना है और बिहार में एक नई सरकार बनाना है।
