इंदौर बना ‘कुबेरपुर’ : धनतेरस पर 1200 करोड़ से अधिक का कारोबार, हर बाजार में दिखी रौनक
धनतेरस 2025 पर इंदौर की चमक देशभर में गूँजी
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने इस धनतेरस पर इतिहास रच दिया। देवी अहिल्या की नगरी में धनवर्षा इतनी हुई कि शहर “कुबेरपुर” बन उठा। सोना-चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन और रियल एस्टेट — हर सेक्टर में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई। व्यापारी संगठनों के अनुसार शनिवार को हुए कुल लेन-देन का आंकड़ा 1200 करोड़ रुपये से भी आगे निकल गया।
सुबह से ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। शाम होते-होते मुख्य बाजार—राजवाड़ा, विजय नगर, सपना-संगीता रोड, पलासिया, एमटीएच कम्पाउंड—दीपों और सजावट से जगमगा उठे। हल्की वर्षा के बावजूद लोगों के कदम थमे नहीं और रात तक खरीदारी जारी रही।
🚗 ऑटोमोबाइल सेक्टर में 500 करोड़ का कारोबार
धनतेरस पर सबसे ज्यादा रफ्तार वाहन बाजार में रही।
इंदौर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, इस वर्ष करीब 5,000 दोपहिया और 2,000 चारपहिया वाहन खरीदे गए। इसके अलावा लगभग 3,000 वाहनों की अग्रिम बुकिंग भी दर्ज हुई।
डीलर्स का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार वाहन खरीदी में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। कई शोरूम्स में लोकप्रिय वेरिएंट और रंग मॉडल पहले ही खत्म हो गए। वाहन पूजन के लिए लोगों की भीड़ मंदिरों में भी दिखाई दी।
एक अनुमान के अनुसार, अकेले ऑटोमोबाइल सेक्टर में 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। रविवार को भी डिलीवरी जारी रहने की संभावना है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ेगा।
💎 सोना-चांदी बाजार में निवेशक खरीदारों की भीड़
इंदौर के सराफा बाजार और ज्वेलरी शोरूम्स में धनतेरस पर खास रौनक रही।
इंदौर चांदी-सोना व्यापारी संघ के अध्यक्ष हुकम सोनी के अनुसार, इस बार चांदी के सिक्के और छोटे गहने अधिक बिके। कई ग्राहक इसे केवल “शगुन” नहीं बल्कि निवेश के रूप में देख रहे हैं।
व्यापारी अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले एक वर्ष में सोना-चांदी पर 25% तक का रिटर्न संभव है, इसलिए ग्राहकों ने दीर्घकालिक दृष्टि से खरीदी की।
सोने की कीमतें बढ़ी होने के बावजूद लोगों ने खरीदारी में उत्साह दिखाया। वहीं चांदी की दरों में हल्की गिरावट से छोटे निवेशकों की खरीद बढ़ी।
🍲 बर्तन बाजार में तांबा-कांसा फिर से ट्रेंड में
धनतेरस का पारंपरिक आकर्षण — बर्तन बाजार — भी पूरी रौनक पर रहा।
शहर के बर्तन व्यापारी संघों के अनुसार, इस वर्ष लोगों ने तांबा, कांसा और पीतल के बर्तन खरीदे। साथ ही, आधुनिक डिजाइन वाले कटलरी सेट, डिनर सेट और स्टील व मिक्स मेटल बर्तन भी लोकप्रिय रहे।
ग्राहकों की रुचि पारंपरिक धातुओं की ओर लौटती दिखी। कई दुकानों ने “स्वदेशी उत्पाद अपनाएं” थीम पर विशेष छूट और ऑफर दिए। इससे स्थानीय निर्माताओं का उत्साह भी बढ़ा।
💡 इलेक्ट्रॉनिक बाजार में खरीदारी का उफान
इंदौर का इलेक्ट्रॉनिक बाजार भी धनतेरस पर गुलजार रहा।
एमटीएच कम्पाउंड, सपना-संगीता रोड, विजय नगर और पलासिया क्षेत्र में टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, मोबाइल, लैपटॉप और म्यूजिक सिस्टम की जमकर बिक्री हुई।
डीलर्स का कहना है कि कई ब्रांडों की स्कीमें और फेस्टिव डिस्काउंट्स के चलते बिक्री में 25–30% की वृद्धि हुई। कई परिवारों ने इस शुभ दिन पर अपने घरों के लिए नए उपकरण खरीदे।
☔ बारिश भी नहीं रोक सकी उत्सव की चमक
शनिवार को शाम के समय हुई हल्की वर्षा ने भी लोगों का जोश कम नहीं किया।
राजवाड़ा से लेकर नवलखा, बाणगंगा और पलासिया तक बाजारों में भीड़ बढ़ती रही।
सजावट, लाइटिंग और दीपों की रोशनी ने पूरे शहर को “दीपोत्सव” का रूप दे दिया।
खरीदारों के उत्साह को देखते हुए कई व्यापारिक संघों ने इसे “वर्ष का सबसे सफल कारोबारी दिन” बताया।
📈 क्यों बढ़ी खरीदारी की रफ्तार?
विश्लेषकों के अनुसार, इस बार धनतेरस की आर्थिक सफलता के पीछे कई कारण रहे —
- शुभ मुहूर्त व त्योहार का वातावरण: लोगों ने सुबह से ही शुभ समय में वाहन, गहने और बर्तन खरीदना प्रारंभ किया।
- ऑफर्स और फाइनेंस सुविधा: बैंकों व डीलर्स ने आसान EMI योजनाएँ और डिस्काउंट्स दिए।
- निवेश की मानसिकता: महंगाई के बावजूद लोगों ने सोना-चांदी को “सेफ इन्वेस्टमेंट” के रूप में प्राथमिकता दी।
- आर्थिक स्थिरता: इंदौर की बढ़ती औद्योगिक गतिविधि और आय वृद्धि ने उपभोग की क्षमता को बल दिया।
- स्वदेशी व स्थानीय उत्पादों का चलन: उपभोक्ताओं ने देशी ब्रांड्स और हस्तनिर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता दी।
💬 व्यापारियों की राय
- “धनतेरस पर बिक्री ने उम्मीदों से ज्यादा परिणाम दिए। खासकर चांदी व वाहनों में रिकॉर्ड खरीदारी हुई।” — हुकम सोनी, अध्यक्ष, सराफा एसोसिएशन
- “वाहन डिलीवरी में 20% उछाल दर्ज हुआ है। रविवार तक आंकड़ा और बढ़ेगा।” — विशाल पम्मानी, सचिव, ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन
- “ग्राहक अब गुणवत्ता और डिजाइन को लेकर ज्यादा सजग हैं, यही बाजार की नयी दिशा है।” — रमेश पटेल, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी
📍 अन्य जिलों की स्थिति
इंदौर के अलावा रतलाम, उज्जैन, देवास और भोपाल के बाजारों में भी धनतेरस पर अच्छी खरीदारी हुई।
रतलाम के सराफा बाजार में 20 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। सोने की दर 1.31 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की दर 1.64 लाख रुपये प्रति किलो रही।
🔮 आर्थिक दृष्टि से इंदौर की बढ़ती चमक
इंदौर लगातार देश के प्रमुख व्यापारिक शहरों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
साफ-सफाई, सुव्यवस्थित बाजार, डिजिटली भुगतान और उद्यमी संस्कृति ने इसे मध्य भारत का आर्थिक इंजन बना दिया है।
धनतेरस जैसे पर्वों पर यहां की आर्थिक सक्रियता यह साबित करती है कि शहर सिर्फ धार्मिक परंपराओं का केंद्र नहीं बल्कि आधुनिक उपभोग और निवेश का प्रतीक भी बन चुका है।
🏁 निष्कर्ष
धनतेरस 2025 पर इंदौर ने एक बार फिर यह दिखाया कि क्यों इसे “मध्य भारत की आर्थिक राजधानी” कहा जाता है।
1200 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार के साथ इंदौर ने न सिर्फ नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि देशभर के व्यापारिक शहरों के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
वाहनों से लेकर गहनों तक और इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर बर्तनों तक — हर बाजार में खुशहाली की चमक थी।
बारिश के बीच भी ग्राहकों की मुस्कान और दुकानों की रौनक ने इस धनतेरस को सचमुच का “कुबेर महोत्सव” बना दिया।





