“ॐ धन्वंतरये नमः” – मुख्यमंत्री मोहन् यादव ने ‘धनतेरस’ पर भोपाल में आरोग्य-धनैश्वर्य की आराधना की
भोपाल, मध्य प्रदेश: दीपोत्सव आरम्भ के शुभ पर्व ‘धनतेरस’ पर राज्य-पटल पर एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन् यादव ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करके प्रदेशवासियों के आरोग्य, धनैश्वर्य एवं कल्याण की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री निवास (भोपाल) में आयोजित इस पूजा-अर्चना कार्यक्रम में मुख्य रूप से भगवान धन्वंतरि की पूजा की गई। धनतेरस के इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है और राज्य सरकार हर-संभव प्रयास कर रही है कि हर नागरिक स्वास्थ्य, समृद्धि एवं सुरक्षा की ओर अग्रसर हो सके।
पूजा-अर्चना का महत्व एवं उत्सव का भाव
धनतेरस हिन्दू धर्म में एक अत्यंत शुभ पर्व माना जाता है। यह पर्व विशेषतः स्वास्थ्य, धन-संपत्ति और समृद्धि के लिए भगवान धन्वंतरि की पूजा का अवसर है। भगवान धन्वंतरि, आयुर्वेद के देवता, के सामने दीपक जलाना, मंत्रोच्चारण करना एवं आरोग्य-समृद्धि की कामना करना इस दिन की विशेष परंपरा है।
मुख्यमंत्री श्री मोहन् यादव ने इस अवसर पर कहा कि “ॐ धन्वंतरये नमः” मंत्र को केवल औपचारिकता के रूप में न देखकर जीवन का मार्ग-दर्शक बनाना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि दीपक-प्रज्वलन, आरोग्य-कामना एवं कल्याण-भाव को अपने जीवन में स्थायी रूप से उतारें।
मुख्यमंत्री निवास में उत्सव का दृश्य
भूमि-/वास्तविक दृश्य के अनुसार, भोपाल के मुख्यमंत्री निवास परिसर में विशेष पूजा की गई जिसमें मुख्य रूप से:
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श्री यादव द्वारा भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा के सामने अभिषेक एवं दीपप्रज्वलन।
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मंत्रोच्चारण और आरती-समारोह जिनमें स्वास्थ्य और समृद्धि हेतु विशेष प्रार्थना की गई।
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उपस्थित गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी-मंडल का सहभाग।
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दीपोत्सव की आरम्भ-भावना के रूप में समस्त राज्यवासियों के लिए शुभकामनाएँ।
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण था, बल्कि जनता के समक्ष सरकार की आरोग्य-समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है।
“आरोग्य-धनैश्य्र्य एवं कल्याण” – मुख्यमंत्री का संदेश
धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने तीन मुख्य बिंदुओं पर अपने विचार साझा किए:
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आरोग्य – उन्होंने कहा कि निजी और सार्वजनिक स्वास्थ्य-उपकरणों को सशक्त करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज की नींव है।
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धनैश्वर्य – उन्होंने समृद्धि की ओर संकेत करते हुए कहा कि सिर्फ वित्त-संपन्नता ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज में सभी को अवसर मिलने चाहिए।
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कल्याण – उन्होंने राज्यवासियों के सर्वांगीण कल्याण की बात कही, जिसमें सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक समावेशिता शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस दीपोत्सव-माह के अवसर पर राज्यव्यापी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य-शिविर, जागरूकता-प्रसार, दिवाली-सुरक्षा व पर्यावरण-सुरक्षा कार्यक्रम शामिल हैं।
राज्य-स्तर पर प्रभाव एवं उत्सव का संदर्भ
मध्य प्रदेश में धनतेरस से दीपावली-पर्यन्त का समय विशेष महत्ता रखता है। इस समय बाजार, व्यापार, अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक-संस्कृति सभी सक्रिय होते हैं। उदाहरण के लिए, भोपाल में इस वर्ष पहले ही सोने-चाँदी तथा रिटेल बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री द्वारा भगवान धन्वंतरि की पूजा और राज्यवासियों के लिए शुभकामनाएँ इस समय-प्रसंग में और भी प्रासंगिक बन जाती हैं। सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह संदेश-विपणन (message-branding) का एक उन्नत उदाहरण है।
क्यों है यह अवसर विशेष — तीन कारण
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आरोग्य का प्रतीक – भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस के दिन उनकी पूजा यह स्मरण कराती है कि स्वास्थ्य ही सर्वोपरि है।
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समृद्धि-विकास का संदेश – दीपोत्सव के आरम्भ में मुख्यमंत्री का यह कदम यह संकेत देता है कि शासन-प्रशासन सिर्फ विकास-परियोजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक-कल्याण और संस्कृतिकर्मों के माध्यम से जन-संपर्क को भी महत्व देता है।
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राजनीतिक-सामाजिक जुड़ाव – एक मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक पूजा-समारोह में भाग लेना, जनता के बीच आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से जुड़ाव स्थापित करता है। साथ ही यह संकेत है कि सरकार जनता-की भलाई के लिए संकल्पित है।
निष्कर्ष
इस तरह, ‘धनतेरस’ पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन् यादव द्वारा भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना का यह आयोजन न केवल धर्म-श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि जनता-के स्वास्थ्य एवं समृद्धि के प्रति शासन-दृष्टि का असरदार संकेत भी है। “आरोग्य”, “धनैश्वर्य” और “कल्याण” — ये तीन स्तंभ हमें याद दिलाते हैं कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि समग्र एवं मानव-केंद्रित समृद्धि है।
इस दीपोत्सव-माह की शुभकामनाएँ!
ॐ धन्वंतरये नमः 🙏

