—Advertisement—

मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार न्यूज़: जीपी मेहरा फॉर्महाउस सड़क मामला, तीन इंजीनियर सस्पेंड, MPWLC ने सेवाएं खत्म

Author Picture
Published On: 17 October 2025
fata ma uupara mpwcl ka cafa ijanayara japa mahara oura emada anaraga varama 36795589031f661230e6a8d28410e02e

—Advertisement—

मध्य प्रदेश समाचार: जीपी मेहरा की काली कमाई का पर्दाफाश, तीन इंजीनियर निलंबित, एमपी वेयरहाउसिंग से सेवाएं समाप्त

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सेवानिवृत्त लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं। मेहरा के निजी फॉर्महाउस तक सड़क पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा अलाइनमेंट बदलने के मामले में तीन इंजीनियरों को निलंबित किया गया है। साथ ही, मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

नर्मदापुरम में सड़क अलाइनमेंट में बदलाव

नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित सैनी गांव में जीपी मेहरा के कस्तूरी कृषि फार्म तक सड़क पहुंचाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़क के अलाइनमेंट में बदलाव किया। इस बदलाव के कारण सड़क की लंबाई में वृद्धि हुई और मेहरा के निजी फॉर्महाउस तक पहुंचने का मार्ग सरल हुआ। यह बदलाव विभागीय नियमों और प्रक्रियाओं के खिलाफ था, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगे।

तीन इंजीनियरों का निलंबन

इस मामले में विभागीय जांच के बाद तत्कालीन प्रभारी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय रायकवार, तत्कालीन सब इंजीनियर आरपी शर्मा और तत्कालीन प्रभारी एसडीओ राजीव कुमार पाठक को निलंबित किया गया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने जानबूझकर अलाइनमेंट में बदलाव किया और मेहरा को लाभ पहुंचाया। नर्मदापुरम से हरचंद तक बनने वाली सवा किलोमीटर लंबी सड़क में से 350 मीटर का हिस्सा मेहरा के फॉर्महाउस तक जोड़ा गया, जिससे सड़क निर्माण की लागत में भी वृद्धि हुई।

लोकायुक्त की कार्रवाई और जीपी मेहरा की सेवाओं की समाप्ति

लोकायुक्त द्वारा की गई छापेमारी में जीपी मेहरा के पास करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ। इस कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन ने जीपी मेहरा की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। साथ ही, उनके द्वारा किए गए सड़क निर्माण और साइनज के टेंडरों को निरस्त कर नए सिरे से जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता

यह मामला दर्शाता है कि कैसे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग किया जाता है। सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अनियमितताएं न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आम जनता की सुविधाओं को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है।

मध्य प्रदेश सरकार को इस मामले में शीघ्र जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार की घटनाओं पर रोक लग सके। साथ ही, विभागीय अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी दी जानी चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें।

इस पूरे मामले में लोकायुक्त की सक्रियता और विभागीय अधिकारियों की तत्परता सराहनीय है। यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई की जाए, तो भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाया जा सकता है और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सकता है।

आशा है कि इस मामले में जल्द ही न्याय मिलेगा और दोषियों को उनकी करतूतों का उचित दंड मिलेगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp