लालची ट्रंप ने पाकिस्तान से पैसों के लालच में बिगाड़ा भारत-अमेरिका रिश्ता, अमेरिका के पूर्व राजदूत का बड़ा दावा
अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक संबंधों को लेकर हाल ही में एक बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिका के पूर्व राजदूत और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के चीफ ऑफ स्टाफ रहम इमैनुएल ने दावा किया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अहंकार और पाकिस्तान से मिले पैसों के लालच में भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों को गंभीर नुकसान पहुंचाया।
रहम इमैनुएल ने यह बयान 16 अक्टूबर 2025 को एक इंटरव्यू में दिया। उनका कहना था कि ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच दशकों में बने रणनीतिक संबंधों को सिर्फ अपनी व्यक्तिगत स्वार्थ और अहंकार के चलते खराब कर दिया। इमैनुएल ने इसे ट्रंप की सबसे बड़ी भूल करार दिया।
ट्रंप और भारत-अमेरिका रिश्तों में गिरावट
रहम इमैनुएल ने बताया कि भारत अमेरिका के लिए एक बड़ा रणनीतिक साझेदार बन सकता था। भारत न केवल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी में अमेरिका के लिए लाभकारी हो सकता था, बल्कि सैन्य सहयोग और रणनीतिक स्थिरता में भी अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता था।
उन्होंने कहा, “चीन के मुकाबले भारत अमेरिका के लिए एक बड़ा रणनीतिक संतुलन बन सकता था। लेकिन ट्रंप ने अपने फैसलों और अहंकार के चलते इस साझेदारी को नष्ट कर दिया। उन्होंने अमेरिका की 40 साल की रणनीतिक तैयारियों पर पानी फेर दिया।”
रहम इमैनुएल ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच पिछले चार दशकों में बनाई गई रणनीति और विश्वास की नींव को ट्रंप ने अपने लालच और पाकिस्तान से जुड़े पैसों के चलते खतरे में डाल दिया।
पाकिस्तान से पैसों का आरोप
पूर्व अमेरिकी राजदूत ने यह भी दावा किया कि ट्रंप के बेटे को पाकिस्तान से कुछ पैसे प्राप्त हुए थे, और इस लालच ने ट्रंप के निर्णयों को प्रभावित किया। इमैनुएल ने कहा कि यही कारण है कि ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों में कड़वाहट पैदा की।
इमैनुएल के अनुसार, ट्रंप का पाकिस्तान के प्रति बढ़ता झुकाव और भारत पर लगाई गई 50 प्रतिशत टैरिफ दोनों ही संकेत हैं कि अमेरिका के भारत के साथ संबंध अब पहले जैसे भरोसेमंद नहीं रह गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर और रिश्तों में खटास
भारत-अमेरिका रिश्तों में हाल के महीनों में आई खटास का एक बड़ा कारण ऑपरेशन सिंदूर है। ट्रंप के पाकिस्तान के प्रति रुख ने अमेरिका और भारत के रणनीतिक तालमेल को कमजोर किया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में ट्रंप से मुलाकात की, जिससे यह संकेत मिला कि ट्रंप पाकिस्तान के करीब होते जा रहे हैं। इसके विपरीत, भारत के साथ संबंधों में ट्रंप ने दूरी बनाए रखी।
इस दौरान भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना, दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक तालमेल को प्रभावित करने वाला एक बड़ा कदम माना गया।
रहम इमैनुएल का ट्रंप पर गंभीर आरोप
रहम इमैनुएल ने ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रंप ने अमेरिका की विदेश नीति को व्यक्तिगत स्वार्थ और अहंकार के चलते प्रभावित किया। उन्होंने इसे अमेरिकी विदेश नीति के इतिहास की एक बड़ी भूल बताया।
इमैनुएल ने इंटरव्यू में कहा, “दोनों देशों की लोकतांत्रिक सरकारों ने इस साझेदारी को भरोसे की बुनियाद पर बनाया था। यह साझेदारी अमेरिका और भारत दोनों के लिए फायदेमंद थी, लेकिन ट्रंप ने इसे बर्बाद कर दिया।”
इमैनुएल के अनुसार, अगर ट्रंप ने भारत के साथ रिश्तों को ठीक से संभाला होता, तो चीन के खिलाफ अमेरिका के रणनीतिक संतुलन को मजबूत किया जा सकता था।
भारत-अमेरिका रिश्तों का वर्तमान परिदृश्य
हालांकि भारत और अमेरिका के बीच संबंध पूरी तरह टूटे नहीं हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक तालमेल में खटास आई है। व्यापारिक मुद्दों और उच्च टैरिफ के कारण भारत और अमेरिका के व्यापारिक और तकनीकी सहयोग में गिरावट देखने को मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का पाकिस्तान के प्रति झुकाव और भारत पर कठोर कदमों ने दोनों देशों के बीच लंबे समय में भरोसे की कमी पैदा कर दी है।
सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ दावा
इस खबर के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसार हुआ। ट्विटर पर कई पोस्ट्स ने रहम इमैनुएल के बयान को शेयर किया। एक ट्वीट में लिखा गया, “President Trump has thrown away the relationship with India because of his EGO and some MONEY from Pakistan that was PAID to his SON.”
सोशल मीडिया पर इस विषय पर व्यापक चर्चा हो रही है और कई लोग ट्रंप की विदेश नीति और भारत-पाकिस्तान के प्रति रुख पर सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और भारत के बीच रिश्तों को बनाए रखना अमेरिका के लिए चीन के मुकाबले महत्वपूर्ण है। यदि ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत रखा होता, तो अमेरिका को तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक लाभ होता।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के साथ बेहतर रणनीतिक तालमेल बनाए रखने में चूक के कारण अमेरिका को भविष्य में वैश्विक संतुलन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
रहम इमैनुएल के आरोपों ने डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर नई बहस छेड़ दी है। उनका दावा है कि ट्रंप ने भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों को अपने व्यक्तिगत लालच और अहंकार के चलते गंभीर नुकसान पहुंचाया।
भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक रूप से बनाए गए रणनीतिक और लोकतांत्रिक भरोसे को ट्रंप ने पाकिस्तान से जुड़े आर्थिक स्वार्थ के चलते प्रभावित किया। यह मामला वैश्विक राजनीति और भारत-अमेरिका संबंधों पर लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।

