कोलकाता में आचार्य श्री प्रमुख सागर जी ने अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की नवीन कार्यकारिणी को दिलाई शपथ
कोलकाता, 12 अक्टूबर: आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर जी महाराज के रजत दीक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित त्रिदिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। इस पावन अवसर पर आचार्य श्री ने अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ (All India Jain Editors Association) की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रावक–श्राविकाएं, विद्वान और जैन संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह ने जैन समाज की पत्रकारिता और साहित्यिक परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
नवीन कार्यकारिणी के पदाधिकारी
अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का चयन इस प्रकार हुआ:
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डॉ. अनूप चंद्र जैन, फिरोजाबाद (उ.प्र.) – चेयर पर्सन
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एड. शैलेन्द्र जैन, अलीगढ़ (उ.प्र.) – चेयर पर्सन
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जगदीश जैन, आगरा (उ.प्र.) – अध्यक्ष
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डा. राजमल जैन कोठारी, अहमदाबाद (गुजरात) – वरिष्ठ उपाध्यक्ष
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अनिल जैन (आई.पी.एस.), जयपुर (राजस्थान) – उपाध्यक्ष
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डॉ. राजीव जैन, आगरा (उ.प्र.) – उपाध्यक्ष
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डॉ. अखिल बंसल, जयपुर (राजस्थान) – महामंत्री
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अकलेश जैन, अजमेर (राजस्थान) – संयुक्त मंत्री
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डॉ. सुशील जैन, कुरावली (उ.प्र.) – मंत्री
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श्री दिनेश दगड़ा, कोलकाता (प.बंगाल) – मंत्री
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राजीव प्रचंडिया, अलीगढ़ (उ.प्र.) – संगठन मंत्री
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जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चंदेरी’, चंदेरी (म.प्र.) – प्रचार मंत्री
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जीवनलाल जैन, नागदा (म.प्र.) – मीडिया प्रभारी
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राकेश सोनी, म.प्र. – मीडिया सहप्रभारी
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अजित बंसल, जयपुर (राजस्थान) – मीडिया प्रभारी
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डॉ. अल्पना जैन, मालेगांव (महाराष्ट्र)
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श्रीमंती अनुपमा, कोलकाता
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डॉ. मीना जैन, उदयपुर (राजस्थान)
इन सभी पदाधिकारियों ने आचार्य प्रमुख सागर जी द्वारा शपथ ग्रहण कर जैन समाज की उन्नति, साहित्यिक संरक्षण और पत्रकारिता की मर्यादा बनाए रखने का संकल्प लिया।
आचार्य श्री प्रमुख सागर जी का संदेश
शपथ ग्रहण समारोह में आचार्य प्रमुख सागर जी ने उपस्थित सभी पत्रकारों और समाज के लोगों को आशीर्वचन देते हुए कहा:
“पत्रकारिता समाज का दर्पण है। कलम को केवल समाज जोड़ने का साधन नहीं बनाना चाहिए, बल्कि साधु–संतों की मर्यादा की रक्षा करना भी पत्रकारिता की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी साधु की व्यक्तिगत आलोचना से सदैव बचें, यही सच्ची सेवा है।”
उनका यह संदेश जैन पत्रकारिता के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में सामने आया।
अध्यक्ष और महामंत्री का योगदान
अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के नवीन अध्यक्ष, जगदीश जैन (आगरा) ने अपने भाषण में संगठन को सशक्त बनाने और जैन समाज की साहित्यिक और सामाजिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प व्यक्त किया।
महामंत्री डॉ. अखिल बंसल (जयपुर) ने समाचार लेखन, शीर्षक चयन, और संगठन प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन देते हुए संघ को अनुशासन और दिशा प्रदान की। उनके कुशल संचालन और संगठनात्मक कौशल की सभी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
भव्य समारोह और उपस्थितियां
इस शपथ ग्रहण समारोह में भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी, दिगम्बर जैन महासभा और हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम ने न केवल जैन पत्रकारिता के क्षेत्र में बल्कि जैन समाज के इतिहास में भी अपनी अलग पहचान बनाई। यह क्षण स्वर्णाक्षरों में अंकित होने योग्य है, क्योंकि इसने समाज के साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए नई प्रेरणा प्रदान की।
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सोशल मीडिया और प्रचार
इस आयोजन का व्यापक प्रचार जैन समाज और सामाजिक नेटवर्क दोनों में किया गया। प्रचार मंत्री जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चंदेरी’ ने कहा कि वे संगठन की गतिविधियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करेंगे, ताकि जैन समाज के युवाओं तक भी साहित्य और पत्रकारिता का संदेश पहुँचे।
निष्कर्ष
कोलकाता में आचार्य श्री प्रमुख सागर जी द्वारा अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की नवीन कार्यकारिणी को शपथ दिलाने का यह कार्यक्रम जैन समाज की पत्रकारिता और साहित्यिक परंपरा में एक नई मिसाल स्थापित करता है। इस ऐतिहासिक क्षण ने यह दिखा दिया कि सच्ची पत्रकारिता समाज को जोड़ने, साधु-संतों की मर्यादा बनाए रखने और सामाजिक चेतना को जागृत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इस प्रकार, यह आयोजन केवल पत्रकारिता जगत के लिए ही नहीं बल्कि जैन समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए भी यादगार बन गया।
✍️ लेखक: जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चंदेरी’
कवि, विचारक, सामाजिक कार्यकर्ता
प्रचार मंत्री, अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ
भ्रमणभाष: 9407222244

