इंदौर। देश की जानी-मानी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (GR Infraprojects Ltd) पर आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी के दफ्तरों और सहयोगी संस्थानों पर देशभर में 40 स्थानों पर छापामार कार्रवाई (Income Tax Raids) की गई है। इनमें इंदौर (Indore), उदयपुर (Udaipur), गुरुग्राम (Gurugram), दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR), गुजरात (Gujarat), उत्तर प्रदेश (U ttar Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan) के कई ठिकाने शामिल हैं।
यह छापामार कार्रवाई गुरुवार सुबह शुरू हुई थी और इंदौर में चौथे दिन (4th Day of Income Tax Raid in Indore) भी जारी है। विभाग की टीमें लगातार कंपनी के दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच कर रही हैं।
🔍 आयकर विभाग की देशव्यापी छापामार कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग (Income Tax Department) की विशेष जांच शाखा ने गुरुवार सुबह एक साथ देशभर में यह मल्टी-सिटी रेड (Multi-city Raid) ऑपरेशन शुरू किया था।
कार्रवाई का मुख्य केंद्र उदयपुर रहा, जहां GR Infra Projects Limited का मुख्यालय (Head Office) स्थित है। उदयपुर के सेक्टर-11 स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय समेत शहर के करीब 10 से अधिक ठिकानों पर टीमों ने तलाशी ली।
साथ ही गुरुग्राम में कंपनी के मुख्य वित्तीय कार्यालय (CFO Office) और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेशन विंग पर भी जांच जारी है। गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर की टीमों को संवेदनशील वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) और प्रोजेक्ट डीलिंग्स की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
🏗️ जीआर इंफ्रा: देश की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी
जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड भारत की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनियों में से एक है।
कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways), रेलवे कॉरिडोर (Railway Corridor), एक्सप्रेसवे (Expressways) और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स (Smart City Projects) जैसे कई बड़े सरकारी निर्माण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
कंपनी का हेडक्वार्टर उदयपुर (Rajasthan) में है, जबकि इसके प्रमुख क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, गुरुग्राम, गुजरात और मध्यप्रदेश में स्थित हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग की टीम कंपनी के टेंडर अलॉटमेंट, सब-कॉन्ट्रैक्टिंग और फंड ट्रांसफर पैटर्न की गहराई से जांच कर रही है।
📂 छापों का उद्देश्य: टैक्स अनियमितताओं की जांच
सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई कंपनी के वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) में संभावित कर अनियमितताओं (Tax Irregularities) की जांच के तहत की गई है।
आयकर विभाग के अधिकारी कंपनी के अकाउंट बुक्स, वित्तीय रिकॉर्ड्स, बैंक लेनदेन, और डिजिटल डेटा (Digital Data Analysis) की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं।
कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों (Senior Executives) से पूछताछ भी की जा चुकी है, जिनसे वित्तीय दस्तावेजों और कॉन्ट्रैक्ट डिटेल्स से जुड़े सवाल किए गए हैं।
🏢 इंदौर में छापामारी चौथे दिन भी जारी
इंदौर में यह कार्रवाई बिचौली हप्सी बायपास (Bicholi Hapsi Bypass) स्थित एक कार्यालय पर की जा रही है। यह कार्यालय एक ऐसी कंपनी का है जो जीआर इंफ्रा के साथ ठेकेदार (Contractor/Associate Firm) के रूप में काम कर रही है।
राजस्थान से आई आयकर टीम लगातार चौथे दिन यहां जांच में जुटी हुई है। टीम ने कंप्यूटर, अकाउंट फाइल्स और डिजिटल स्टोरेज डिवाइस को सीज कर जांच शुरू की है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि विभाग को बड़ी वित्तीय गड़बड़ी (Major Financial Irregularities) से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा, कंपनी से जुड़े कुछ बैंक खातों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
🧾 क्या कहता है विभाग?
आयकर विभाग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन विभागीय सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई कंपनी की टैक्स कंप्लायंस (Tax Compliance) और अघोषित आय (Undisclosed Income) की जांच से जुड़ी है।
टीमें अभी भी डिजिटल रिकॉर्ड्स की फोरेंसिक जांच (Forensic Audit) कर रही हैं और सभी दस्तावेजों की क्रॉस-वेरिफिकेशन की जा रही है।
⚖️ आगामी कदम
आयकर विभाग जल्द ही इस कार्रवाई से संबंधित प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है।
यदि अनियमितताएं साबित होती हैं, तो कंपनी और उसके सहयोगी ठेकेदारों के खिलाफ आयकर अधिनियम 1961 के तहत कड़ी कार्रवाई (Strict Legal Action) की जा सकती है।
📈 छापामार कार्रवाई का व्यापक असर
इस छापे ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में हलचल मचा दी है।
GR Infra के कई प्रोजेक्ट्स सरकार के साथ संयुक्त रूप से चल रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन कई निर्माण कार्य शामिल हैं।
इसलिए विभाग की जांच के नतीजे आने वाले दिनों में कंपनी की साख (Reputation) और भविष्य के सरकारी टेंडर्स पर असर डाल सकते हैं।

