सद्गुरु अण्णा महाराज का अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया
इंदौर: समाज और संस्कृति के मार्गदर्शक, परम पूज्य सद्गुरु श्री अण्णा महाराज जी का अवतरण दिवस बड़े हर्ष और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में प्रेरक गुरु अण्णा महाराज ने अपने संदेशों के माध्यम से समाज, संस्कृति और मानवता के उत्थान का मार्ग दिखाया।
अण्णा महाराज ने कहा कि परिवार में अनुशासन और सामाजिक मूल्यों का पालन करके ही व्यक्ति सच्ची स्वतंत्रता की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने विघटित दांपत्य और समाज में दशकों से साथ रह रहे दंपतियों का सम्मान कर समाज को प्रेरित किया। विशेष रूप से, उन्होंने अपने जन्मदिन पर ५६ भोग मंदिरों में देने के बजाय ५६ जरूरतमंद परिवारों को अन्नप्रसाद देने का निर्णय लिया, जो सकारात्मक आराधना और सेवा का प्रतीक बन गया।
पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे सद्गुरु की लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की हम सभी कामना करते हैं, जो हमें सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि माँ अहिल्या देवी के जन्मोत्सव से पूर्व पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने की पहल अण्णा महाराज ने ही की, जो अहिल्या माता की जीवनशैली से प्रेरित थी।
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य डॉ. भरत शर्मा ने कहा कि अण्णा महाराज द्वारा किए गए राष्ट्र, संस्कृति, समाज, अध्यात्म और प्रकृति के क्षेत्र में अनूठे प्रयास भारत को विश्वगुरु बनाने में सहायक हैं। उन्होंने गुरु के सत्संग और आशीष प्राप्त करने की महत्ता पर भी जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार से विधवा महिलाओं को ‘कल्याणी’ नाम देने के प्रकल्प को स्वीकृत कराने के प्रयास का भी संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, विधायक मधु वर्मा, पूर्व सांसद कृष्ण मुरारी, समाजसेवी अशोक गोयल, वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र सोनगिरा, उद्योगपति राकेश खंडेलवाल, संगीतज्ञ शोभा चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता तनुज दीक्षित सहित कई गणमान्य नागरिक और शिष्य उपस्थित थे। उन्होंने अण्णा महाराज को जन्मदिन की बधाई दी।
अण्णा महाराज का यह 70वाँ जन्मदिन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण की भावना को साकार करने वाला प्रेरक प्रसंग बन गया।

