📰 इंदौर में नो एंट्री नियम से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय ठप — ट्रांसपोर्टरों का बड़ा फैसला, आज से पार्सल बुकिंग और माल सप्लाई पूरी तरह बंद
इंदौर | अक्टूबर 2025
इंदौर शहर के प्रमुख ट्रांसपोर्ट केंद्र — लोहा मंडी, पंचकुइया और गाड़ी अड्डा क्षेत्र — में प्रशासन द्वारा लागू किए गए नो एंट्री नियमों के चलते पूरे ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हड़कंप मच गया है। नियमों से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने आज से पार्सल बुकिंग और माल सप्लाई पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि नए प्रतिबंधों ने उनके पूरे व्यापार को जकड़ लिया है। प्रशासन के आदेश के बाद अब ट्रक सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक इन क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकते। केवल दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक मौखिक अनुमति दी जा रही है — वह भी बिना किसी लिखित आदेश के।
🚛 ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कड़ा रुख
एसोसिएशन ऑफ पार्सल ट्रांसपोर्ट एंड फीट ऑनर्स ने सोमवार से शहरभर में अपने सभी प्रमुख कार्यालयों और गोदामों में बुकिंग बंद करने का निर्णय लिया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया —
“प्रशासन के इन नियमों से हमारा कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। ना माल लोड हो पा रहा है, ना सप्लाई। इससे स्थानीय बाजारों में जरूरी सामान की कमी शुरू हो जाएगी और बाहर भेजा जाने वाला माल भी फंस जाएगा।”
उन्होंने कहा कि बार-बार निवेदन करने के बावजूद प्रशासन कोई स्थायी समाधान नहीं दे रहा। मौखिक अनुमति का समय बेहद सीमित है, जिससे माल लोडिंग और डिलीवरी दोनों प्रभावित हैं।
🕒 “नो एंट्री” में ट्रक खड़े, गोदाम खाली
एसोसिएशन के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि अब ट्रांसपोर्टर नो एंट्री क्षेत्र में कोई गाड़ी नहीं भेजेंगे। बाहर के ट्रांसपोर्टरों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे लोहा मंडी, पंचकुइया या सियागंज के लिए माल न भेजें।
उन्होंने बताया —
“लोहा मंडी में परचून की बुकिंग सबसे ज्यादा होती है, लेकिन अब वह भी बंद है। इससे छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी भारी नुकसान होगा।”
📦 सप्लाई चेन पर गहरा असर
इंदौर मध्य भारत का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब माना जाता है। यहां से रोजाना लगभग 1500 ट्रक विभिन्न शहरों और राज्यों में माल लेकर जाते हैं, और इतने ही ट्रक बाहर से इंदौर पहुंचते हैं।
नो एंट्री नियमों के कारण यह सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो बाजारों में जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत हो सकती है।
🗣️ व्यापारियों की मांग
व्यापारियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि
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नो एंट्री नियमों में समयबद्ध और स्पष्ट छूट दी जाए।
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ट्रांसपोर्टर ट्रकों के लिए निश्चित प्रवेश समय और मार्ग निर्धारित किए जाएं।
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लोहा मंडी जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए ताकि व्यापार सामान्य रूप से चल सके।
व्यापारियों का कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो सैकड़ों मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर संकट आ जाएगा और शहर की व्यापारिक अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगेगा।
⚠️ प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और जाम से राहत देने के उद्देश्य से नो एंट्री नियम लागू किए गए हैं।
लेकिन ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि —
“ट्रैफिक सुधार के नाम पर व्यापार ठप कर देना समाधान नहीं है। प्रशासन को जमीनी हकीकत समझनी चाहिए।”
📍 निष्कर्ष
इंदौर का ट्रांसपोर्ट कारोबार, जो मध्य भारत की सप्लाई चेन की रीढ़ है, इस समय ठहराव की स्थिति में है। यदि प्रशासन और व्यापारियों के बीच जल्द संवाद नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में न केवल स्थानीय बाजार, बल्कि आसपास के जिलों की सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
