इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दोहरे संदेश: स्वच्छता और शस्त्र पूजन पर जोर
इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नेहरू पार्क और पुलिस लाइन इंदौर में आयोजित कार्यक्रमों में स्वच्छता, विकास और शक्ति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नागरिकों, प्रशासन और सशस्त्र बलों को प्रेरित करते हुए कहा कि इंदौर और मध्यप्रदेश ने देश में नई मिसाल कायम की है।
स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संदेश:
नेहरू पार्क में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने कहा कि:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने पूरे देश को नई दिशा दी है।
- इंदौर देश का आदर्श: शहर ने सात बार स्वच्छता पुरस्कार जीतने के बाद 8वीं बार ‘स्वच्छता क्लब’ में प्रवेश किया है।
- स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है।
- ग्रीन प्लांट पहल: ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में सराहनीय कदम।
- प्रधानमंत्री का संदेश: “अच्छे लोग और जो थोड़े कमजोर हैं, उन्हें मदद करने वाले बनें।”
- दशहरे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का पहला दिन सभी के लिए गर्व का अवसर।
- नगर निगम को स्वच्छता के साथ-साथ विकास के हर क्षेत्र में सक्रिय सहभागी बनने की आवश्यकता।
डॉ. यादव ने स्वच्छता सेवा पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए इंदौर नगर निगम, प्रशासन और नागरिकों को हार्दिक बधाई दी।
शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शक्ति और अनुशासन पर जोर:
पुलिस लाइन इंदौर में विजयादशमी पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा:
- सैनिक और जवान का समर्पण और शक्ति अपरिहार्य है।
- शिव और शक्ति एक रूप हैं, दशहरे पर भगवान श्रीराम और महिषासुर मर्दिनी की विजय से प्रेरणा लेनी चाहिए।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हमें विरासत और विकास की यात्रा का गर्व है।
- महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी ने स्वतंत्रता की ज्वाला जीवित रखी।
- रावण दहन और शस्त्र पूजन की परंपरा हमें सत्य की विजय और अनुशासन सिखाती है।
- सशस्त्र बल और पुलिस: सरकार हर वर्ष 7,000 से अधिक पदों पर भर्ती करेगी और उन्हें आधुनिक संसाधनों और नई नीतियों से सक्षम बनाएगी।
- प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने का संकल्प।
- भगवान श्रीराम की गाथा से प्रेरणा लेकर हर बुराई पर विजय पाने का संदेश।

मुख्य संदेश:
डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों और अधिकारियों को प्रेरित किया कि स्वच्छता, अनुशासन और शक्ति के माध्यम से इंदौर और मध्यप्रदेश देश में प्रगति और नेतृत्व का प्रतीक बनें।

