उज्जैन: महानवमी पर बाबा महाकाल का श्रीकृष्ण स्वरूप शृंगार, त्रिपुंड में नजर आए श्रीनाथ जी
उज्जैन, 1 अक्टूबर। अश्विन मास शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर नवरात्रि के अवसर पर आज सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। महानवमी के इस पावन अवसर पर बाबा महाकाल का भव्य श्रीकृष्ण स्वरूप शृंगार किया गया। त्रिपुंड धारण किए हुए बाबा महाकाल आज श्रीनाथ जी के रूप में भक्तों को दर्शन दे रहे थे।
सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती
बुधवार तड़के सुबह 4 बजे विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भस्म आरती संपन्न हुई। मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि आरती से पहले परंपरा अनुसार वीरभद्र जी की आज्ञा ली गई और मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन किया गया।
बाबा महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरि ओम’ का जल अर्पित किया गया और फिर बाबा का दिव्य श्रृंगार आरंभ हुआ।
रुद्राक्ष और मुंडमाला से सजा स्वरूप
भव्य पूजन के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट, रुद्राक्ष और मुंडमाला धारण कराई गई। कपूर आरती के पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर परंपरागत भस्म अर्पित की गई।
विशेष रहा आज का शृंगार
आज का शृंगार विशेष था, क्योंकि महानवमी पर बाबा महाकाल को श्रीकृष्ण स्वरूप में सजाया गया। इस अद्भुत दर्शन का लाभ हजारों भक्तों ने लिया और पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” और “जय श्री कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
भक्तों का उमड़ा सैलाब
महानवमी के शुभ अवसर पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने देर रात से ही लाइन में लगकर अपने इष्टदेव बाबा महाकाल के दर्शन किए। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में प्रकट होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।

