बिहार SIR: 47 लाख नाम हटे, 21 लाख नए जुड़े – पटना में कितने बढ़े वोटर?
पटना। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची (Voter List) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने अंतिम सूची जारी कर दी है। नए आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में अब लगभग 7.42 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं।
कितने नाम हटे और कितने जुड़े?
अगस्त 2025 में जारी ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 7.24 करोड़ मतदाता दर्ज थे। इस दौरान अनुपस्थित, मृत या स्थानांतरित पाए गए करीब 65 लाख लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए। इसके अलावा, जांच के दौरान 3.66 लाख मतदाताओं को ‘अयोग्य’ पाया गया और उनका नाम भी हटा दिया गया।
दूसरी ओर, इस प्रक्रिया में 21.53 लाख नए नाम जुड़े। कुल मिलाकर, जून 2025 की 7.89 करोड़ वाली लिस्ट से तुलना करें तो अब तक करीब 47 लाख मतदाता सूची से बाहर हो चुके हैं।
22 साल बाद हुआ SIR
बिहार में यह प्रक्रिया लंबे अंतराल के बाद हुई है। लगभग 22 साल बाद SIR के आधार पर वोटर लिस्ट अपडेट की गई है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि इससे “लाखों असली नागरिकों” के नाम काट दिए गए हैं और उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया जाएगा।
पटना में कितना इज़ाफ़ा हुआ?
पटना जिला प्रशासन ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जिले की 14 विधानसभा सीटों में अब कुल 48,15,294 मतदाता दर्ज हैं। यह संख्या अगस्त में प्रकाशित ड्राफ्ट लिस्ट की तुलना में 1,63,600 अधिक है। यानी राजधानी पटना में वोटरों की संख्या घटी नहीं बल्कि बढ़ी है।
चुनाव आयोग का आश्वासन
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा और साथ ही कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई है और मतदाता अब आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं।
चुनावी तैयारी तेज़
चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी 4 और 5 अक्टूबर को पटना दौरे पर आएंगे। आयोग का कहना है कि पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड-लेवल पर निगरानी की जा रही है।

