जूना नागदा टेकरी व चामुंडा माता मंदिर क्षेत्र का होगा विकास – नपाध्यक्ष गेहलोत
नागदा (निप्र): नागदा नगर को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत के प्रयासों से मुख्यमंत्री कार्यालय ने जूना नागदा टेकरी और चामुंडा माता मंदिर क्षेत्र के विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की है।
नगरपालिका अध्यक्ष गेहलोत ने मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव को 14 जनवरी 2025 एवं 30 अप्रैल 2025 को पत्र लिखकर निवेदन किया था कि नागदा नगर महाभारतकालीन इतिहास से जुड़ा है। यहां राजा परीक्षित द्वारा नागदाह यज्ञ संपन्न किया गया था, जिसके चलते यह टेकरी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखती है। इसी प्रकार चंबल नदी तट पर स्थित प्राचीन चामुंडा माता मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इन दोनों स्थलों को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। विभाग की ओर से 22 सितंबर 2025 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दोनों ही स्थल धार्मिक और पुरातत्वीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त चामुंडा माता मंदिर परिसर में घाट निर्माण, गीता श्री गार्डन की पुलिया का चौड़ीकरण तथा बाल हनुमान मंदिर से चामुंडा माता मंदिर तक पथ निर्माण जैसे कार्य भी सिंहस्थ मद में शामिल किए जा चुके हैं। इन कार्यों की डीपीआर तैयार है और शीघ्र ही शासन को भेजी जाएगी।
नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गेहलोत की इस पहल का स्वागत सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष राजेश धाकड़, मंडल अध्यक्ष विजय पटेल, उपाध्यक्ष प्रकाश जैन, सुभाष चंद्र शर्मा सहित पूरी परिषद ने किया है। वर्षों से नागदाह टेकरी के लिए प्रयासरत बंटू बोड़ाना ने भी इस निर्णय का समर्थन किया।
चामुंडा माता मंदिर के पुजारी एवं श्रद्धालुओं ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए माता रानी से प्रार्थना की है कि विकास कार्य शीघ्र पूर्ण हों और नागदा नगर को एक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान मिले।
