भारत में एनएसई के पंजीकृत निवेशक 12 करोड़ के पार
नई दिल्ली, सितम्बर 2025:
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर पंजीकृत निवेशकों की संख्या सितंबर 2025 में 12 करोड़ (120 मिलियन यूनिक पैन) का आंकड़ा पार कर गई। 23 सितंबर 2025 तक एक्सचेंज पर कुल यूनिक क्लाइंट कोड्स 23.5 करोड़ हो गए हैं, जो जुलाई 2025 में ही 23 करोड़ का स्तर पार कर चुके थे।
एनएसई का निवेशक आधार समय के साथ तेजी से विस्तारित हुआ है। एक्सचेंज शुरू होने के लगभग 14 साल बाद निवेशकों की संख्या 1 करोड़ तक पहुँची थी। अगला 1 करोड़ जोड़ने में सात साल लगे। इसके बाद सिर्फ ढाई साल में एक और करोड़ जुड़े और फिर मात्र एक साल में अतिरिक्त 1 करोड़ निवेशक शामिल हुए। मार्च 2021 तक जहाँ कुल निवेशक आधार 4 करोड़ था, वहीं उसके बाद हर 6–7 महीनों में 1 करोड़ नए निवेशक जुड़ने लगे।
निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के कारण
निवेशकों की तेजी से बढ़ती संख्या के पीछे कई कारक हैं:
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डिजिटलीकरण और फिनटेक प्लेटफॉर्म तक आसान पहुँच
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मध्यवर्गीय आबादी का विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नीतिगत सुधार
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सरल KYC प्रक्रिया और निवेशक जागरूकता कार्यक्रम
आज एनएसई के पंजीकृत निवेशकों की औसत आयु लगभग 33 वर्ष है, जो पाँच साल पहले 38 वर्ष थी। इनमें से करीब 40% निवेशक 30 वर्ष से कम उम्र के हैं। हर चार निवेशकों में से एक महिला है, जो पूँजी बाजारों में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
निवेशकों का भौगोलिक विस्तार
भारत के 99.85% पिन कोड क्षेत्रों में निवेशक मौजूद हैं। 31 अगस्त 2025 तक तीन राज्यों में निवेशक संख्या 1 करोड़ से अधिक रही:
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महाराष्ट्र – 1.9 करोड़
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उत्तर प्रदेश – 1.4 करोड़
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गुजरात – 1.03 करोड़ (हाल ही में 1 करोड़ के क्लब में शामिल)
बाजार प्रदर्शन और निवेश रुझान
23 सितंबर 2025 तक इस वित्त वर्ष में:
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निफ्टी 50 ने 7.0% रिटर्न दिया
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निफ्टी 500 ने 9.3% की बढ़त दर्ज की
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पिछले पाँच वर्षों में एनुअलाइज्ड रिटर्न – निफ्टी 50 पर 17.7% और निफ्टी 500 पर 20.5%
इसी अवधि में एनएसई सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन सालाना 25.1% की दर से बढ़कर 460 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया। 30 जून 2025 तक व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी (सीधे और म्यूचुअल फंड्स के जरिए) कुल बाजार का 18.5% रही।
म्यूचुअल फंड्स और SIP में तेजी
अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच 2.9 करोड़ नए SIP अकाउंट्स खुले।
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मासिक औसत SIP निवेश: ₹27,464 करोड़ (लगभग 3.2 अरब डॉलर)
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पिछली वर्ष की समान अवधि में यह ₹21,883 करोड़ (2.5 अरब डॉलर) था।
निवेशक जागरूकता और संरक्षण
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NSE के निवेशक जागरूकता कार्यक्रम (IAP) वित्त वर्ष 2020 में 3,504 से बढ़कर FY25 में 14,679 हो गए, जिनसे 8 लाख से अधिक लोग जुड़े।
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NSE का Investor Protection Fund (IPF) 31 अगस्त 2025 तक 21% वार्षिक वृद्धि के साथ ₹2,644 करोड़ तक पहुँच गया।
एनएसई का आधिकारिक बयान
एनएसई के चीफ बिज़नेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा:
“जनवरी 2025 में 11 करोड़ निवेशकों का आंकड़ा पार करने के बाद, महज़ आठ महीनों में 1 करोड़ नए निवेशकों का जुड़ना उल्लेखनीय है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद यह वृद्धि भारतीय पूँजी बाजारों पर निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है। बढ़ती भागीदारी शेयर, ETF, REIT, InvIT, सरकारी व कॉर्पोरेट बॉन्ड्स जैसे विभिन्न निवेश विकल्पों की लोकप्रियता को भी उजागर करती है।”

