इंदौर नगर निगम का 60 मेगावाट सोलर पार्क नवंबर से होगा शुरू
ग्रीन बॉन्ड से हुआ देश का पहला बड़ा निवेश, हर महीने 5 करोड़ की होगी बचत
इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर अब स्वच्छता के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी नया कीर्तिमान रचने जा रही है। नगर निगम का 60 मेगावाट क्षमता वाला सोलर पार्क लगभग तैयार हो चुका है और नवंबर से इसकी बिजली आपूर्ति औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को जलुद स्थित सिटी बस कार्यालय में इस परियोजना को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें संबंधित एजेंसी और तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया।
महापौर भार्गव ने बताया कि इंदौर नगर निगम ने मां नर्मदा जल परियोजना पर लगने वाले भारी-भरकम बिजली खर्च को कम करने और शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस सोलर पार्क की स्थापना की है। परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है और वर्तमान में कनेक्शन व चार्जिंग कार्य की टेस्टिंग की तैयारी चल रही है।
ग्रीन बॉन्ड से वित्तपोषण
यह परियोजना विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे ग्रीन बॉन्ड के जरिए वित्तपोषित किया गया है। इंदौर देश का पहला नगर निगम है जिसने ग्रीन बॉन्ड से इतना बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा सोलर पार्क तैयार किया है। इस वित्तीय मॉडल ने देशभर के निवेशकों का विश्वास जीता और बड़ी मात्रा में पूंजी इस परियोजना में लगाई गई।
हर महीने 4–5 करोड़ रुपये की बचत
महापौर के अनुसार, सोलर पार्क से बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद नगर निगम को हर माह लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की बिजली बिल की बचत होगी। यह बचत न केवल नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले समय में अन्य विकास कार्यों के लिए भी उपयोगी होगी।
पीएम और सीएम ने किया था भूमिपूजन
इस परियोजना का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ था। अब सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद जल्द ही इसका लोकार्पण भी किया जाएगा।
ट्रांसमिशन चुनौतियाँ भी जल्द हल होंगी
महापौर भार्गव ने माना कि कुछ ट्रांसमिशन लाइनों से जुड़ी तकनीकी चुनौतियाँ सामने आई हैं, लेकिन इन्हें शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा ताकि नवंबर से निर्धारित समय पर पार्क से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

