नई दिल्ली: अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा है कि भारत किसी भी देश से तेल खरीद सकता है, लेकिन रूस से नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत को सजा नहीं देना चाहता, बल्कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करना चाहता है।
हाल ही में अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के चलते 50% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। इसके बावजूद राइट ने भारत को अमेरिका का “शानदार सहयोगी” बताया और कहा कि अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है। इसमें प्राकृतिक गैस, कोयला, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन शामिल हैं।
अमेरिका-भारत ऊर्जा सहयोग
राइट ने न्यूयॉर्क में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जब से मैं इस पद पर आया, मेरा ज्यादातर समय भारत के साथ काम करने में बीता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अमेरिका का शानदार सहयोगी है। हम भारत से ऊर्जा व्यापार और संवाद को और बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं।”
भारत के ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका ऊर्जा व्यापार और ऊर्जा उत्पादन सहयोग को बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।
रूस से तेल खरीद पर राइट की प्रतिक्रिया
राइट ने कहा, “हम भारत को सजा नहीं देना चाहते। आप दुनिया के हर देश से तेल खरीद सकते हैं, बस रूस से नहीं। दुनिया में कई तेल निर्यातक हैं और भारत को रूस से तेल खरीदने की जरूरत नहीं है। भारत रूस से सस्ता तेल इसलिए खरीदता है क्योंकि कोई और इसे नहीं खरीदता।”
कुल मिलाकर, क्रिस राइट ने भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने का संदेश दिया और स्पष्ट किया कि रूस से तेल खरीदना अमेरिका की नीतियों के अनुरूप नहीं है।

