महाकाल मंदिर पहुंचे संजय दत्त: भक्ति में लीन होकर किया बाबा के दर्शन, बोले- “बाबा ने मुझे बुलाया”
उज्जैन।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त गुरुवार तड़के उज्जैन पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन किए। भोर की पवित्र घड़ी में उन्होंने भस्म आरती में सम्मिलित होकर करीब दो घंटे तक नंदी हाल में बैठकर गहन श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की।
देर रात आगमन, आत्मीय स्वागत
सूत्रों के अनुसार, संजय दत्त बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि करीब तीन बजे उज्जैन पहुंचे। सीधे महाकाल मंदिर पहुंचकर उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के गर्भगृह की ओर प्रस्थान किया। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही एक नन्ही बच्ची ने उनका तिलक लगाकर स्वागत किया। यह पल संजय दत्त के लिए बेहद खास रहा, मानो बाबा की ओर से यह पहला आशीर्वाद मिला हो।
भस्म आरती में भाव-विभोर हुए
प्रातःकालीन भस्म आरती, जो महाकाल मंदिर की विशेष पहचान है, उसमें संजय दत्त गहराई से जुड़े। नंदी हाल में बैठकर उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच साधकों और अन्य श्रद्धालुओं के साथ आरती का दिव्य वातावरण अनुभव किया। उस समय उनकी एकाग्रता और चेहरे पर झलकती शांति साफ बताती थी कि वह इस आध्यात्मिक क्षण को आत्मसात कर रहे हैं।
दर्शन और अलौकिक अनुभूति
आरती के उपरांत उन्होंने गर्भगृह के बाहर से बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। बाहर आते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने मन की गहराई साझा की। भावुक संजय दत्त ने कहा—
“यह मेरे जीवन का अविस्मरणीय क्षण है। वर्षों से इच्छा थी कि महाकाल के दरबार में हाज़िर हो सकूँ। आज बाबा ने स्वयं मुझे यहाँ बुलाया।”
गहरी आस्था का संदेश
उन्होंने आगे कहा कि इस अनुभव को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। यह केवल दर्शन नहीं बल्कि आत्मा को छू लेने वाला पल था। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद अब उनके जीवन के हर कदम पर साथ रहेगा।
जीवन में शांति और शक्ति का अध्याय
संजय दत्त का यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बन गया। उनके अनुसार, महाकाल के दर पर बिताए ये पल जीवन को नई दिशा और शक्ति प्रदान करेंगे।

