ट्रंप की शिकायत पर संयुक्त राष्ट्र ने पलटवार किया: “एस्केलेटर और टेलीप्रॉम्प्टर की जिम्मेदारी हमारी नहीं, व्हाइट हाउस की टीम की थी”
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से यह शिकायत की थी कि उनके भाषण के दौरान एस्केलेटर बीच में रुक गया और टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा था। उन्होंने इस घटना का मजाकिया अंदाज में उल्लेख करते हुए कहा कि “जो इसे चला रहा है, वह बड़ी मुसीबत में है।”
लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र ने साफ किया है कि इन तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी ट्रंप की टीम की थी, यूएन की नहीं।
यूएन ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजैरिक ने बताया कि:
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एस्केलेटर का रुकना संयुक्त राष्ट्र की गलती नहीं थी।
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अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के एक वीडियोग्राफर ने गलती से एस्केलेटर की सुरक्षा प्रणाली (सेफ्टी मैकेनिज्म) को सक्रिय कर दिया। यह प्रणाली इसलिए होती है ताकि कोई व्यक्ति या सामान फंस न जाए।
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टेलीप्रॉम्प्टर की जिम्मेदारी भी व्हाइट हाउस की टीम की थी, न कि संयुक्त राष्ट्र की।
यूएन ने यह भी कहा कि एस्केलेटर का बीच-बीच में रुकना नई बात नहीं है। न्यूयॉर्क और जेनेवा में स्थित यूएन कार्यालयों में आर्थिक संकट के कारण पहले भी कई बार लिफ्ट और एस्केलेटर बंद किए गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह आर्थिक संकट आंशिक रूप से अमेरिका से मिलने वाले फंड में देरी की वजह से है। अमेरिका ही संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा आर्थिक सहयोगी देश है।
ट्रंप ने क्या कहा था?
अपने भाषण में ट्रंप ने कहा:
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“यूएन में मुझे सिर्फ एक एस्केलेटर मिला जो बीच में ही बंद हो गया और टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा था। अगर प्रथम महिला ठीक स्थिति में नहीं होतीं, तो वह गिर सकती थीं। हम दोनों ठीक थे और खड़े रहे।”
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उन्होंने यह भी कहा कि टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा था, लेकिन उन्होंने नोट्स से पढ़ना जारी रखा।
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ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा, “जो भी इसे चला रहा है, वह बड़ी मुसीबत में है।”
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लगभग 10 मिनट बाद टेलीप्रॉम्प्टर काम करने लगा।
ट्रंप ने यूएन की भूमिका पर सवाल उठाए
भाषण के दौरान ट्रंप ने अपने कई दावों का जिक्र किया:
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उन्होंने कहा कि उन्होंने 7 बड़े युद्धों में युद्धविराम कराने में मदद की।
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साथ ही, उन्होंने कहा कि यह काम उन्हें करना पड़ा, जबकि यूएन की जिम्मेदारी थी।
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ट्रंप ने यूएन की क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि यूएन के पास बहुत शक्ति है, लेकिन “वे सिर्फ कड़े शब्दों वाले पत्र लिखते हैं और फिर कुछ नहीं करते।”
संक्षेप में
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एस्केलेटर रुकने और टेलीप्रॉम्प्टर न चलने की घटना पर ट्रंप ने मजाक किया।
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संयुक्त राष्ट्र ने साफ किया कि गलती उनकी नहीं थी, बल्कि व्हाइट हाउस टीम की थी।
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यूएन का दावा: तकनीकी समस्याएँ पहले भी हुई हैं और आर्थिक संकट इसका हिस्सा है।
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ट्रंप ने यूएन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और अपने प्रयासों का दावा किया।
