भारत ने इज़राइल के आधुनिक हथियारों के दम पर सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया, तेजस, राफेल, सुदर्शन चक्र और हेरॉन ड्रोन से दुश्मन के लिए चुनौती बढ़ी।
नई दिल्ली: भारत-इज़राइल रक्षा संबंधों में तेजी
भारत और इज़राइल के बीच सैन्य साझेदारी लगातार गहरी होती जा रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कई यूरोपीय देश इज़राइल से हथियारों की खरीद पर सतर्क हो गए हैं, लेकिन भारत ने अपने रणनीतिक दोस्त इज़राइल के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत किया है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच भारत इज़राइल का सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया। इस अवधि में भारत को इज़राइल के हथियार निर्यात का लगभग 34% हिस्सा मिला, जबकि अमेरिका केवल 13% के साथ दूसरे स्थान पर था।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी साझेदारी
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इज़राइली हेरॉन ड्रोन का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। अब भारतीय सेना हेरॉन ड्रोन को स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों के साथ लैस करने जा रही है। यह कदम चीन और पाकिस्तान के लिए नई चुनौतियों का संकेत देता है।
तेजस MK1A और इज़राइली तकनीक
भारतीय वायुसेना के तेजस MK1A लड़ाकू विमान में इज़राइली EL/M-2052 AESA रडार लगाया जाएगा। इससे भारतीय वायुसेना को उच्च सटीकता और आधुनिक लक्ष्य पहचान प्रणाली प्राप्त होगी। इसके अलावा तेजस MK1A में:
- EL/M-2032 मल्टी-मोड रडार
- हाई-रिजॉल्यूशन इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इमेजरी
- लाइटनिंग टार्गेटिंग पॉड
- पाइथन-5 और डर्बी मिसाइलें
जैसी उन्नत प्रणालियाँ शामिल होंगी। तेजस के हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम (DASH-IV HMDS) भी इज़राइली एल्बिट सिस्टम्स से लैस हैं।
सुदर्शन चक्र और बहुस्तरीय वायु रक्षा
सुदर्शन चक्र, भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली, इज़राइली और भारतीय तकनीक का मिश्रण है। इसमें बराक-8 MR-SAM और LR-SAM मिसाइलें शामिल हैं। यह प्रणाली 360 डिग्री कवरेज देती है और 100 किमी तक मारक क्षमता रखती है। S-400 और अन्य भारतीय वायु रक्षा सिस्टम के साथ मिलकर यह भारत की सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाती है।
हर्मीस UAV और कॉमिकेज ड्रोन
हर्मीस 900 मध्यम ऊंचाई वाला लंबी दूरी का UAV है, जिसे भारत और इज़राइल की संयुक्त परियोजना के तहत बनाया गया है। इसकी 36 घंटे तक की उड़ान क्षमता और 1,000 किमी की मारक क्षमता है। इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए इज़राइली कॉमिकेज ड्रोन ने दुश्मन पर सटीक हमला करने की क्षमता साबित की।
निष्कर्ष: भारत की रणनीतिक बढ़त
तेजस MK1A, राफेल, सुदर्शन चक्र, हर्मीस UAV और इज़राइली मिसाइल सिस्टम चीन और पाकिस्तान के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। भारत-इज़राइल रक्षा साझेदारी न केवल सीमाओं की सुरक्षा को मज़बूत कर रही है, बल्कि भारत को वैश्विक हथियार बाजार में रणनीतिक बढ़त भी दे रही है।


