—Advertisement—

“Rupee vs Dollar: रुपया गिरकर 88.76 पर, एच-1बी वीजा शुल्क और विदेशी निवेश निकासी ने बढ़ाया दबाव”

Author Picture
Published On: 23 September 2025
rupee vs dollar us india a177780df897feb736eaf6f38e850e93

—Advertisement—

Rupee vs Dollar: क्यों लगातार गिर रहा रुपया? डॉलर के मुकाबले 88.76 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुँचा

नई दिल्ली, 23 सितंबर 2025 (बिज़नेस डेस्क):
भारतीय रुपये की कमजोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 48 पैसे टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर 88.76 प्रति डॉलर पर पहुँच गया। यह अब तक का सबसे कमजोर स्तर है।

गिरावट की बड़ी वजहें: एच-1बी वीजा शुल्क और विदेशी निवेश में कमी

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा शुल्क में भारी बढ़ोतरी ने बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है। अब इस वीजा के लिए कंपनियों को 1,00,000 अमेरिकी डॉलर तक का शुल्क चुकाना पड़ सकता है।
इसका सीधा असर भारत के आईटी और सेवा निर्यात क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का मानना है कि इससे

  • अमेरिका से भारत को होने वाले धन प्रेषण (remittances) पर दबाव पड़ेगा
  • आईटी कंपनियों की आय पर असर होगा
  • और इक्विटी बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ेगा
  • 14 08 2023 dollar 3 23501562

विदेशी निवेशकों का पलायन

इस बीच विदेशी निवेशकों का भरोसा भी डगमगाता दिख रहा है। सोमवार को ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजारों से 2,910 करोड़ रुपये की निकासी की। सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबारी का कहना है:

“ग्लोबल पॉलिसी शॉक्स भारतीय बाजारों पर दबाव बना रहे हैं। निवेशकों की भारी निकासी यह दिखाती है कि आने वाले दिनों में रुपये पर और दबाव पड़ सकता है।”

रुपया किस तरह टूटा?

मंगलवार को कारोबार की शुरुआत में रुपया 88.41 पर खुला। थोड़ी ही देर में इसमें गिरावट बढ़ती गई और यह 88.76/USD पर पहुँच गया। सोमवार को भी रुपया 12 पैसे टूटकर 88.28 पर बंद हुआ था। यानी लगातार दो दिनों से रुपये में कमजोरी जारी है।

वैश्विक कारक भी जिम्मेदार

जानकारों के अनुसार,

  • अमेरिकी डॉलर का इंडेक्स (Dollar Index), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.04% बढ़कर 97.38 पर पहुँच गया है।
  • कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतें भले ही 0.51% गिरकर 66.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हों, लेकिन वैश्विक जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (risk aversion) के चलते निवेशक सुरक्षित डॉलर एसेट्स में पैसा लगा रहे हैं।
  • अमेरिकी व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव ने भी रुपये की कमजोरी को गहराया है।

घरेलू शेयर बाजार पर असर

रुपये की इस कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखा।

  • सेंसेक्स 271.99 अंक या 0.33% टूटकर 81,887.98 पर बंद हुआ।
  • निफ्टी 80.65 अंक या 0.32% गिरकर 25,121.70 पर आ गया।

आगे का परिदृश्य

विश्लेषकों का कहना है कि यदि विदेशी निवेशक निकासी जारी रखते हैं और अमेरिकी प्रशासन वीजा और व्यापार नीतियों पर कठोर रुख बनाए रखता है, तो आने वाले हफ्तों में रुपया और कमजोर हो सकता है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp