इंदौर में मनाया नो कार डे 2025: शहरवासियों ने कार छोड़ साइकिल और ई-रिक्शा अपनाए
इंदौर, 22 सितंबर 2025:
इंदौर में हर साल 22 सितंबर को नो कार डे उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। इस वर्ष भी शहरवासियों और नगर निगम के सहयोग से यह दिन सफलतापूर्वक मनाया गया।
पूर्व संध्या – संगीत संध्या का आयोजन
नो कार डे की पूर्व संध्या (21 सितंबर, रविवार) पर 56 दुकान क्षेत्र में भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कलाकारों ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि सोमवार को यात्रा के लिए कार के बजाय पर्यावरण मित्र साधनों का उपयोग करें।
मुख्य कार्यक्रम – साइकलोथॉन और कार फ्री जोन
सोमवार, 22 सितंबर को शहर में साइकलोथॉन आयोजित किया गया, जो पलासिया से राजवाड़ा तक फैला। नागरिकों ने इस दिन कार छोड़कर साइकिल, दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा का उपयोग किया।
गीताभवन से पलासिया तक का मार्ग कार फ्री जोन घोषित किया गया, जहां इस दिन कोई कार नहीं देखी गई। शहर के अन्य हिस्सों में भी वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई।
शहर के अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी
- मेयर पुष्यमित्र भार्गव एमआईसी मेंबरों के साथ साइकिल पर शहर भ्रमण करते हुए बीआरटीएस मार्ग पर लोगों को उत्साहित करते रहे।
- निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव सुबह छह बजे ट्रेंचिंग ग्राउंड का दौरा करने बस का उपयोग कर निकले।
- मंत्री तुलसी सिलावट हनुमान मंदिर दर्शन के लिए ई-रिक्शा से पहुंचे।
- हाईकोर्ट के कुछ जज भी कार छोड़कर पैदल कोर्ट पहुंचे।

उद्देश्य और लाभ
नो कार डे का मुख्य उद्देश्य है:
- पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण में कमी।
- ईंधन की बचत और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण।
- सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना और शहरवासियों को पर्यावरण मित्र विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना।
पिछले वर्षों के परिणाम
- वर्ष 2023 में नो कार डे के दौरान 80,000 लीटर ईंधन बचाया गया।
- वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में 18% सुधार देखा गया।
- इस पहल ने शहरवासियों और नगर निगम के बीच सकारात्मक सहयोग और जागरूकता बढ़ाई।
निष्कर्ष
इंदौर में नो कार डे 2025 ने शहरवासियों को कार छोड़कर साइकिल, दोपहिया और ई-रिक्शा के महत्व से अवगत कराया। अधिकारियों और नागरिकों की भागीदारी ने इस पहल को और भी सफल बनाया। इस दिन ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश को पूरे शहर में फैलाया।

