आज से शुरू होगा ‘बचत उत्सव’ – जीएसटी की नई दरों से सभी वर्गों को मिलेगा लाभ
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में ऐतिहासिक सुधार किया गया है। इसके तहत अब लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएं केवल 5 प्रतिशत टैक्स स्लैब में आ गई हैं। यह बदलाव सोमवार, 22 सितम्बर से नवरात्रि के अवसर पर लागू होगा, जिसे सरकार ने विशेष रूप से ‘बचत उत्सव’ का नाम दिया है।
क्या है बचत उत्सव?
- नवरात्रि से देशभर में नए जीएसटी सुधार लागू होंगे।
- 99% से अधिक रोज़मर्रा की वस्तुएँ अब सिर्फ 5% टैक्स पर उपलब्ध होंगी।
- ग्राहकों को हर ख़रीददारी में सीधी बचत होगी।
- यह उत्सव केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश की आर्थिक मजबूती और सामाजिक विकास का भी प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुख्य बयान
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में जीएसटी सुधारों और बचत उत्सव की विस्तृत जानकारी दी है।
- यह बदलाव आम नागरिक से लेकर किसान, महिला और युवा तक सभी वर्गों को राहत देगा।
- इसका उद्देश्य खासकर कमजोर और मध्यम वर्ग की आय में वृद्धि करना है।
- यह कदम भारत को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
स्वदेशी उत्पादों पर जोर
डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से अपील की:
- “लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (MSME) द्वारा निर्मित वस्तुओं का उपयोग करें।”
- “गर्व के साथ स्वदेशी उत्पाद अपनाएँ।”
- “मेक इन इंडिया” और “मेड इन इंडिया” को प्रोत्साहित करना ज़रूरी है।
- त्यौहारों पर स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करने से देशी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक और सामाजिक फायदे
- रोज़मर्रा की खरीददारी पर कम टैक्स से लाखों परिवारों का खर्च घटेगा।
- स्वदेशी वस्तुओं की बढ़ती मांग से किसानों, महिला उद्यमियों और युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे।
- देश में उद्योग और व्यापार जगत को मजबूती मिलेगी।
- नवरात्रि से शुरू हुआ यह ‘बचत उत्सव’ हर वर्ग के लिए खुशहाली का संदेश लेकर आएगा।

📌 संक्षेप में:
जीएसटी सुधारों के जरिए सरकार ने नवरात्रि से ‘बचत उत्सव’ की शुरुआत की है। अब 99% वस्तुएँ सिर्फ 5% टैक्स पर मिलेंगी। इससे उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी, साथ ही स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने से किसानों, महिलाओं और युवाओं की आय बढ़ेगी और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
