इंदौर में भारी वाहनों पर सख्त नियंत्रण, कलेक्टर ने जारी किए नए नियम
इंदौर। शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ते हादसों और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब भारी वाहनों की आवाजाही पर नई व्यवस्था लागू की है। हाल ही में एयरपोर्ट रोड पर हुई ट्रक दुर्घटना के बाद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई। उसी के आधार पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शनिवार शाम आदेश जारी कर दिए। यह व्यवस्था फिलहाल एक माह तक प्रभावी रहेगी और इस अवधि में किसी तरह की आपत्ति नहीं मिलने पर स्थायी रूप से लागू कर दी जाएगी।
निर्धारित समय में ही मिल सकेगी एंट्री
नए नियमों के अनुसार बड़े आकार के ट्रक और अन्य भारी वाहन शहर की सीमा में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इन समयों को छोड़कर ही वाहनों को शहर में आने की अनुमति होगी। हालांकि, पेट्रोल-डीजल टैंकर, गैस सप्लाई और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को विशेष छूट दी गई है। ऐसे वाहनों की पूर्व जानकारी पुलिस उपायुक्त (यातायात) और नगरीय प्रशासन को देना अनिवार्य रहेगा।
पुलिस बनाएगी अलग व्यवस्था
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन आपातकालीन वाहनों को शहर में एंट्री मिलेगी, उनके लिए यातायात पुलिस विशेष मार्ग और व्यवस्था तैयार करेगी ताकि आम ट्रैफिक प्रभावित न हो।
कागजात और नशे पर जीरो टॉलरेंस
प्रवेश की अनुमति पाने वाले सभी वाहनों के पास रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइवर का वैध लाइसेंस होना जरूरी होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने पर वाहन तुरंत जब्त किया जाएगा और चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केवल बेहद जरूरी होने पर ही मिलेगी अनुमति
कलेक्टर ने यह भी कहा कि प्रतिबंधित समय में शहर में प्रवेश दिए जाने वाले वाहनों की संख्या न्यूनतम रखी जाए। केवल तभी अनुमति मिले जब यह बिल्कुल आवश्यक हो।
आदेश में संशोधन की गुंजाइश
यह आदेश एक महीने तक परीक्षण के तौर पर लागू रहेगा। इस दौरान विभिन्न विभागों और आम नागरिकों से मिलने वाले सुझाव या आपत्तियों के आधार पर इसे बदला भी जा सकता है।
सड़क सुरक्षा समिति में लिए गए अन्य निर्णय
बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कई अहम कदम उठाने का फैसला किया गया।
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नवलखा बस स्टैंड का स्थानांतरण – जल्द ही इसे नायता मुंडला स्थित नए बस स्टैंड में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए दो दिन के भीतर सभी आवश्यक सुविधाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए।
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अवैध बस स्टैंड पर कार्रवाई – बिना अनुमति संचालित हो रहे बस स्टैंड्स और सड़क पर बस खड़ी करके यात्री बैठाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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वाहनों की जांच अभियान – बसों और अन्य यात्री वाहनों के फिटनेस, ड्राइवरों के लाइसेंस और परमिट की नियमित जांच की जाएगी। इसके लिए एक टास्क फोर्स गठित होगी।
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स्कूल बस सुरक्षा – बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूली बसों के संचालन की विशेष निगरानी की जाएगी।
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ओवरब्रिज कार्यस्थल पर निगरानी – रालामंडल से अर्जुन बड़ौद तक बन रहे ओवरब्रिज के डायवर्जन मार्गों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। किसी वाहन के खराब होते ही उसे हटाया जाएगा और सड़क पर बने गड्ढों को तुरंत भरा जाएगा। बारिश खत्म होने के बाद संबंधित सड़कों पर डामरीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा।
👉 इस तरह जिला प्रशासन ने शहर में ट्रैफिक दबाव और हादसों को रोकने के लिए नई गाइडलाइन लागू कर दी है। अब देखना होगा कि इन नियमों के चलते आम नागरिकों को कितना राहत मिलती है और यातायात व्यवस्था कितनी सुधरती है।
