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उज्जैन: पूर्व विधायक व क्रांतिकारी नेता शाहिद भैरव भारतीय को 50वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि

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Published On: 18 September 2025
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व विधायक शाहिद कामरेड भैरव भारतीय का 50वां शहादत दिवस, भाटीसुडा में श्रद्धांजलि सभा

नागदा/उज्जैन, 18 सितंबर 2025।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पूर्व विधायक और किसान-मजदूरों की आवाज शाहिद कामरेड भैरव भारतीय का आज 50वां शहादत दिवस उनके जन्मग्राम भाटीसुडा (उज्जैन) में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी व भारतीय मार्क्सवादी पार्टी के नेताओं ने उनकी क्रांतिकारी विचारधारा और संघर्षशील जीवन को याद किया।

आज़ादी की लड़ाई से किसान आंदोलनों तक का सफर

भैरव भारतीय का जन्म वर्ष 1916 में ग्राम भाटीसुडा में हुआ। मात्र 18 वर्ष की आयु (1934) में वे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े और गुप्त रूप से हस्तलिखित पुस्तिकाओं के माध्यम से आज़ादी का संदेश फैलाया। 1934 से 1947 तक कई बार जेल गए।

उन्होंने किसानों-मजदूरों को जमींदारों और रियासतों के खिलाफ संगठित कर जन आंदोलनों का नेतृत्व किया। नागदा, उज्जैन और मंदसौर क्षेत्र में उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा और जमीन दिलाने के लिए आंदोलन चलाए।

जनसेवा और राजनीतिक योगदान

  • 1962 से 1967 तक खाचरोद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।

  • नागदा न्याय पंचायत व ग्राम भाटीसुडा के सरपंच पद पर सेवाएं दीं।

  • उज्जैन जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर व उपाध्यक्ष रहे।

  • अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष बने।

  • नागदा नगर पालिका परिषद और कृषि मंडी की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई।

  • उद्योगों के प्रदूषण और आम रास्तों को खुलवाने के लिए भी आंदोलन किए और जेल गए।

आपातकाल और शहादत

25 जून 1975 को आपातकाल घोषित होने के बाद उन्हें रात में ही गिरफ्तार कर इंदौर जेल में रखा गया। जेल में उन्हें अमानवीय यातनाएँ दी गईं और कठोर पहरे में रखा गया। 18 सितंबर 1975 को एम.वाय. अस्पताल, इंदौर में अंतिम सांस ली।

श्रद्धांजलि सभा में उठी मांग

भाटीसुडा स्थित उनके स्मारक पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कामरेड नटवरलाल सिंह, जयंती बैरल, सत्यनारायण जी, प्रहलाद सिंह आंजना, राजकुमार, दिनेश भारतीय, सरपंच टिकम सिंह पंवार सहित कई नेताओं ने उन्हें नमन किया।
ग्रामवासियों ने इस अवसर पर भाटीसुडा रेलवे स्टेशन का नाम “भैरव भारतीय नगर” रखने की मांग भी उठाई।

सभा का संचालन पूर्व सरपंच मनोहर भारतीय ने किया और अंत में आभार दिनेश भारतीय एडवोकेट ने व्यक्त किया।

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