अगले 24 घंटों में मध्यप्रदेश के 19 जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, इंदौर सहित कई जगह अलर्ट जारी
इंदौर, मध्यप्रदेश।
सितंबर का महीना आमतौर पर मानसून की विदाई का होता है, लेकिन इस बार बारिश ने पूरे प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने इंदौर, भोपाल समेत 19 जिलों में अगले 24 घंटों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। कई जगह नदियां-नाले उफान पर हैं और जलभराव ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
इंदौर में भारी बारिश की संभावना
इंदौर शहर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार और शनिवार को भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर के नागरिकों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहना होगा क्योंकि बारिश का सिलसिला 21 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है। शहर में पहले से ही लगातार हो रही बरसात ने यातायात और दैनिक जीवन को प्रभावित किया है।
अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
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शुक्रवार और शनिवार: भोपाल, इंदौर और अन्य जिलों में तेज बारिश व आंधी की संभावना।
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रविवार: मौसम लगभग इसी तरह बना रहेगा।
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सोमवार से बुधवार: हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
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राजधानी भोपाल और इंदौर में घने बादल छाए रहेंगे और सुबह के समय कोहरा व रुक-रुककर वर्षा देखने को मिलेगी।
मानसून ट्रफ से बढ़ा खतरा
भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण यह भारी वर्षा हो रही है। इसी वजह से कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट और बुरहानपुर, खरगोन व बड़वानी में अतिभारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटों में बारिश का असर
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बुरहानपुर के खकनार में 160 मिमी बारिश
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नेपानगर में 97.5 मिमी
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पांढुर्णा में 90.3 मिमी
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रौन में 86 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा भिंड, बैतूल, खंडवा, जबलपुर, शहडोल और सागर समेत दर्जनभर जिलों में झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
अलर्ट वाले जिले
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अतिभारी बारिश (Red Alert): बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी
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भारी बारिश (Yellow Alert): इंदौर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल सहित 25 से अधिक जिले
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19 जिलों में विशेष यलो अलर्ट: अलीराजपुर, झाबुआ, धार, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, बालाघाट, पन्ना और सागर।
क्या करें और क्या न करें (सावधानियां)
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मौसम विभाग की ताज़ा अपडेट पर नज़र रखें।
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अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर नदी-नालों वाले क्षेत्रों में।
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जलभराव वाली जगहों से दूर रहें।
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आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

