पंजाब में 37 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी है। 23 जिलों में बाढ़, 30 से अधिक मौतें, लाखों प्रभावित। सरकार युद्धस्तर पर राहत कार्य कर रही है। जानिए स्वर्ण मंदिर की स्थिति और नुकसान की पूरी खबर।
पंजाब बाढ़ 2025: सबसे भीषण तबाही, सरकार की मदद और नुकसान की पूरी जानकारी
पंजाब इस समय 37 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ की विपत्ति का सामना कर रहा है। भारी मानसूनी बारिश और नदियों के उफान के कारण प्रदेश के 23 जिलों में व्यापक बाढ़ फैल गई है। अब तक करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 3.54 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 1400 से अधिक गांव जलमग्न हैं और 19,597 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है।
बाढ़ की मुख्य वजहें और प्रभावित क्षेत्र
मुख्य नदियाँ सतलज, ब्यास, रावी और घग्गर अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भारी बारिश के चलते ये नदियाँ उफान पर हैं, जिससे बाढ़ अपने चरम पर पहुंची है। सबसे अधिक प्रभावित जिले जैसे गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, कपूरथला और फिरोजपुर हैं।
राहत और बचाव कार्य
राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत पूरे पंजाब को आपदा प्रभावित घोषित किया है। 23 एनडीआरएफ टीमों के अलावा सेना, वायुसेना, नौसेना, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस राहत और बचाव कार्यों में जुटी है। 35 से अधिक हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। शासन स्तर पर सभी विभागों को अलर्ट कर दिया गया है, साथ ही पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
नुकसान की गंभीरता – फसलें और जनजीवन
लगभग 3.75 लाख एकड़ कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूब चुकी है। धान, कपास, मक्का जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। इसके अलावा, हजारों पशुओं की भी मृत्यु हुई है जिससे पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण परिवारों को बड़ा झटका लगा है।
सरकार की पहल और निर्देश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से तुरंत ₹4,000 करोड़ के आपात राहत पैकेज जारी करने का आग्रह किया है। सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थान 7 सितंबर तक बंद रहेंगे। राहत कोष स्थापित किया गया है, जिसमें मंत्रियों ने अपनी वेतन का योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावितों को पर्याप्त राशन, साफ पानी, चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
स्वर्ण मंदिर और धार्मिक स्थलों की स्थिति
सैकड़ों वर्ष पुराना स्वर्ण मंदिर सुरक्षित है और बाढ़ की स्थिति की वजह से वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि आसपास के इलाके प्रभावित हो सकते हैं, मंदिर परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालु कोई असुविधा न झेलें और धार्मिक कार्यक्रम सुचारू रूप से जारी रहें।
आम जनता से अपील
स्थानीय प्रशासन लोगों से अत्यंत सावधानी बरतने और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील कर रहा है। अभी भी कई लोग घरों में फंसे हुए हैं, उनसे तुरंत बचाव शिविरों में पहुंचने का निर्देश है।
किसानों और फसलों को भारी नुकसान
करीब 61,000 हेक्टेयर खेती प्रभावित हुई है, जिससे धान, कपास और मक्का की फसल बर्बाद हो गई है। इससे लाखों किसानों की आजीविका खतरे में है।


