भारत रत्न और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर इस समय अपने परिवार के साथ मध्यप्रदेश के महेश्वर में दो दिवसीय दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने महेश्वर की विश्व प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियों की बुनाई प्रक्रिया को नजदीक से देखा और स्थानीय बुनकरों की कलाकारी की प्रशंसा की। सचिन तेंदुलकर ने बुजुर्ग महिला बुनकरों से मुलाकात करते हुए उनकी कारीगरी को सराहा और इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को समझने का मौका पाया। उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर और बेटी सारा तेंदुलकर भी मौजूद रहीं, जिनसे अंजलि ने खास तौर पर रुई फूल बार्डर वाली साड़ी और नर्मदा लहर डिजाइन वाला सूट-दुपट्टा खरीदा।
इस दौरान सचिन तेंदुलकर ने स्थानीय बुनकरों और बेटी की शिक्षा के लिए काम कर रही सामाजिक संस्थाओं का भी निरीक्षण किया और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का समर्थन किया। रविवार को उन्होंने नर्मदा नदी के किनारे देवी अहिल्याबाई की राजगद्दी, अहिलेश्वर मंदिर और राजराजेश्वर मंदिर के दर्शन किए, नौका विहार का आनंद लिया और सैकड़ों प्रशंसकों से मुलाकात की। उनके महेश्वर दौरे से स्थानीय पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग को काफी उत्साह और बढ़ावा मिला है। मंगलवार को सचिन तेंदुलकर परिवार सहित इंदौर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ।
इस यात्रा के दौरान उनके द्वारा की गई खरीददारी और सांस्कृतिक जुड़ाव से महेश्वरी साड़ी उद्योग को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने की उम्मीद है, और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन भी मिला है। सचिन तेंदुलकर का यह दौरा खेल जगत से हटकर एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार का भी हिस्सा माना जा रहा है।

