ज़ाइडस ने लॉन्च किया भारत का पहला ट्राइवेलेन्ट इन्फ्लुएंज़ा वैक्सीन – वैक्सीफ्लू
Mumbai, September 2025: भारत की अग्रणी हेल्थकेयर कंपनी Zydus Lifesciences Ltd ने देश का पहला Trivalent Influenza Vaccine – Vaxiflu लॉन्च किया है। यह वैक्सीन WHO (World Health Organization) की 2025-26 की नॉर्दर्न हेमिस्फीयर (NH) सीज़नल फ्लू स्ट्रेन रिकमेंडेशन के अनुसार तैयार की गई है।
WHO की 2025-26 फ्लू सीज़न रिकमेंडेशन
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A/Victoria/4897/2022 (H1N1)pdm09-जैसा वायरस
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A/Croatia/10136RV/2023 (H3N2)-जैसा वायरस
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B/Austria/1359417/2021 (B/Victoria lineage)-जैसा वायरस
WHO और CDC (Centers for Disease Control and Prevention) ने साफ किया है कि B/Yamagata lineage को वैक्सीन में शामिल करने की अब कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि मार्च 2020 से इसका कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ। अमेरिका समेत 40 से ज्यादा देश पहले ही ट्राइवेलेन्ट वैक्सीन अपना चुके हैं। भारत में भी अब यही वैज्ञानिक और सही विकल्प माना जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय
डॉ. परवेज़ कौल (FRCP, Pulmonary Medicine, Royal College of Physicians, London) ने कहा:
“Influenza Vaccine आज भी सीज़नल फ्लू और उससे होने वाली जटिलताओं से बचाव का सबसे असरदार तरीका है। बी/यामागाटा वायरस पिछले पाँच सालों से गायब है, इसलिए अब Trivalent Influenza Vaccine (TIV) ही सबसे प्रभावी विकल्प है।”
ज़ाइडस का दृष्टिकोण
ज़ाइडस लाइफसाइंसेस लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शारविल पटेल ने कहा:
“हमारा उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि समय पर और WHO Guidelines के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए। वैक्सीफ्लू जैसी वैक्सीन से फ्लू और उससे जुड़ी जटिलताओं को खासकर हाई-रिस्क ग्रुप्स – बुज़ुर्गों, बच्चों और क्रॉनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों में कम किया जा सकेगा।”
वैक्सीफ्लू – भारत का पहला ट्राइवेलेन्ट फ्लू वैक्सीन
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Target Group: 6 महीने और उससे ऊपर के सभी लोग
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Type: Trivalent Influenza Vaccine (TIV)
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Protection: सीज़नल फ्लू स्ट्रेन्स से सुरक्षा, WHO Surveillance पर आधारित
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Significance: भारत सरकार का National Centre for Disease Control (NCDC) भी NH 2025-26 सीज़न के लिए ट्राइवेलेन्ट वैक्सीन के उपयोग की सिफारिश कर चुका है।
क्यों ज़रूरी है वैक्सीफ्लू?
सीज़नल इन्फ्लुएंज़ा हर साल लगभग 3-5 करोड़ लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और करीब 2.9 लाख से 6.5 लाख मौतें श्वसन संबंधी जटिलताओं के कारण होती हैं। ऐसे में Vaxiflu न सिर्फ भारत के लिए बल्कि वैश्विक हेल्थकेयर रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।
