गणिनी ज्ञानमती माताजी अस्वस्थ, जैन समाज में चिंता, आह्वान: शांति धारा और नमोकार मंत्र जाप करें
इंदौर (Jain News, September 2025): जैन समाज की परम वंदनीय, वयोवृद्ध गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही हैं। अस्वस्थता के कारण माताजी आहार और पानी भी ग्रहण नहीं कर पा रही हैं, जिसके चलते उनका स्वास्थ्य काफी कमजोर हो गया है।
इस समाचार के फैलते ही जैन समाज सहित समस्त धर्मप्रेमियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
धर्म समाज से आह्वान
जैन समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने समाज के सभी श्रेष्ठीजन और श्रद्धालुओं से विशेष आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि –
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अपने-अपने क्षेत्रों के मंदिरों में श्रीजी की शांति धारा माताजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना हेतु अवश्य करें।
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साथ ही हर श्रद्धालु नमोकार मंत्र का जाप मंदिर में या घर पर अपनी सुविधा अनुसार माताजी के नाम से करें।
गणिनी ज्ञानमती माताजी का योगदान
गणिनी ज्ञानमती माताजी जैन धर्म की प्रख्यात आर्यिका हैं। उनका संपूर्ण जीवन धर्म-प्रचार, अहिंसा के संदेश और समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने में समर्पित रहा है। माताजी की साधना और त्याग से समाज सदैव प्रेरणा पाता रहा है।
समाज में श्रद्धा और प्रार्थनाएँ
इंदौर सहित देशभर में जैन समाज और अनुयायी माताजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिरों में विशेष शांति धारा अनुष्ठान और मंत्र जाप का क्रम शुरू हो चुका है।
