अदाणी एग्री फ्रेश ने हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए सेब खरीद दरों में 12.5% बढ़ोतरी की घोषणा
हिमाचल प्रदेश, अगस्त 2025: हिमाचल प्रदेश के सेब किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड (AAFL) ने इस साल भी प्रदेश के किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए सेब खरीद के बेहतर रेट घोषित किए हैं। कंपनी ने पिछले साल की तुलना में 12.5% अधिक कीमत ऑफर की है, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
शुरुआती रेट और रिवाइज्ड रेट
कंपनी ने 24 अगस्त 2025 को सबसे अच्छी क्वालिटी के LMS (लार्ज-मीडियम-स्मॉल) ग्रेड के सेब का शुरुआती रेट 85 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया था। किसानों की भलाई को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने 5 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए नया रेट 90 रुपये प्रति किलोग्राम घोषित किया।
कंपनी का उद्देश्य किसानों को सही कीमत देना और क्वालिटी बनाए रखना है। इस घोषणा के बाद अन्य प्लेयर्स ने भी अपने रेट लिस्ट पर काम शुरू कर दिया है।
खरीद प्रक्रिया और लोकेशन
AAFL ने अपनी खरीदारी सुविधाएं रोहरू, रामपुर और टुटू-पानी में शुरू कर दी हैं। वहीं, सैंज और जरोल-टिक्कर में 25 अगस्त से और रेककॉन्ग-पियो में 28 अगस्त से खरीदारी शुरू होगी।
रंग और साइज के अनुसार सेब की कीमत
कंपनी ने सेब के रंग और साइज के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी तय की हैं:
1. प्रीमियम कैटेगरी (80-100% रंग वाले सेब)
- एक्स्ट्रा लार्ज (EL): 45 रुपये/किलो
- LMS: 85 रुपये/किलो
- एक्स्ट्रा स्मॉल (ES): 75 रुपये/किलो
- एक्स्ट्रा एक्स्ट्रा स्मॉल (EES): 65 रुपये/किलो
- सबसे छोटे साइज के सेब (PITTU): 45 रुपये/किलो
2. सुप्रीम कैटेगरी (60-80% रंग वाले सेब)
- एक्स्ट्रा लार्ज: 35 रुपये/किलो
- LMS: 65 रुपये/किलो
- एक्स्ट्रा स्मॉल: 55 रुपये/किलो
- एक्स्ट्रा एक्स्ट्रा स्मॉल: 45 रुपये/किलो
- PITTU: 35 रुपये/किलो
3. कम रंग वाले सेब (60% से कम रंग वाले)
- सभी साइज: 24 रुपये/किलो
- छोटे सेब (EEL/US): 20 रुपये/किलो
हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन
हिमाचल प्रदेश में कुल 11 लाख हेक्टेयर खेती योग्य जमीन में से लगभग 2 लाख हेक्टेयर पर फल उगाए जाते हैं। इनमें से 1 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन केवल सेब के बागों के लिए है। राज्य के कुल फल उत्पादन क्षेत्र का लगभग 50% हिस्सा सेब का है।
राज्य में हर साल लगभग 5.5 लाख मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है, जिससे हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान होता है।
अदाणी की हिस्सेदारी और डिजिटल मंडी
AAFL इस उत्पादन का वर्तमान में लगभग 8% हिस्सा संभालती है। कंपनी का अनुमान है कि नई डिजिटल मंडी पहल के शुरू होने के बाद इसका हिस्सा और बढ़ सकता है, जिससे किसानों को और बेहतर दाम मिलेंगे।
कंपनी का बयान:
AAFL के प्रवक्ता ने कहा, “हमें इस साल 80-100% रंग वाले प्रीमियम LMS ग्रेड सेब के लिए 85 रुपये प्रति किलो पर खरीद शुरू करने की खुशी है। हमारा मुख्य उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य देना और उच्च क्वालिटी बनाए रखना है।”

