महालक्ष्मी नगर में बढ़ते व्यावसायिक निर्माण से परेशान रहवासी, निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल
इंदौर: महालक्ष्मी नगर के निवासी हाल के वर्षों में अपने क्षेत्र में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों से बेहद परेशान हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल के पास स्थित इस आवासीय कॉलोनी में नियमों को दरकिनार करते हुए कई आवासीय भूखंडों पर होटल, शोरूम, हॉस्टल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन गए हैं। इससे न केवल रहवासियों का सुकून भंग हो रहा है, बल्कि क्षेत्र का स्वरूप भी बदलता जा रहा है।
रहवासी संघों के अनुसार, महालक्ष्मी नगर के लगभग हर सेक्टर—विशेषकर एम.आर.1, एम.आर.5 और चिकित्सक नगर—में अब दुकानों, शोरूम और होटलों की संख्या बढ़ गई है। कई ऐसे प्रतिष्ठान खुले हैं, जिनके निर्माण और संचालन के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति नहीं ली गई है।
रहवासी लगातार नगर निगम से अवैध व्यावसायिक निर्माण रोकने और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद, निगम की ओर से ठोस और सतत कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि कुछ अवैध निर्माण को निगम ने तोड़ने की कार्रवाई की, लेकिन अधिकांश अवैध होटलों और हॉस्टलों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
रहवासियों का कहना है कि इन अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कई बार अनैतिक गतिविधियों के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे हालातों में यह जरूरी हो गया है कि निगम न केवल शिकायतों को गंभीरता से ले, बल्कि आवासीय क्षेत्रों में अव्यवस्थित और अवैध व्यावसायिक निर्माण पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करे।
विशेषज्ञ और रहवासी दोनों ही मानते हैं कि अगर इस प्रवृत्ति को तुरंत नहीं रोका गया, तो महालक्ष्मी नगर का स्वरूप पूरी तरह से व्यावसायिक क्षेत्र में बदल सकता है और आम निवासियों के लिए यहां रहना कठिन हो जाएगा।
