नागदा के दिव्यांग UPSC अभ्यर्थी संजय मकवाना को ADIP योजना के तहत ₹50 हजार की अत्याधुनिक जॉयस्टिक व्हीलचेयर मिली। स्नेह, सक्षम और लायंस क्लब नागदा ग्रेटर की पहल से आवागमन हुआ आसान।
₹50 हजार की जॉयस्टिक व्हीलचेयर से बदली संजय की राह, UPSC तैयारी में मिलेगी बड़ी मदद
नागदा। ₹50 हजार की जॉयस्टिक व्हीलचेयर मिलने के बाद गांव भांडला निवासी संजय पिता मुकेश मकवाना के लिए रोजमर्रा के आवागमन की मुश्किलें अब काफी आसान होने की उम्मीद है। ड्वार्फिज्म दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में कठिनाइयों का सामना करने वाले संजय अपने जीवन में आगे बढ़ने के दृढ़ संकल्प के साथ UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। स्नेह संस्था, सक्षम और लायंस क्लब नागदा ग्रेटर की पहल पर भारत सरकार की ADIP योजना के तहत उन्हें यह अत्याधुनिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई है।
रिपोर्टर प्रमोद कुमार जैन।
दिव्यांगता के बावजूद UPSC की तैयारी
गांव भांडला निवासी संजय मकवाना ड्वार्फिज्म दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में काफी कठिनाइयों का सामना करते हैं। इसके बावजूद उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय आगे बढ़ने का संकल्प लिया है।
संजय वर्तमान में UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनके लिए पढ़ाई के साथ-साथ दैनिक आवागमन भी एक बड़ी चुनौती थी। आने-जाने में होने वाली परेशानियों के कारण उन्हें काफी समय और ऊर्जा खर्च करनी पड़ती थी।
ऐसे में अत्याधुनिक जॉयस्टिक व्हीलचेयर उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मदद साबित हो सकती है।
स्नेह संस्था से किया था संपर्क
दैनिक आवागमन में होने वाली परेशानी को देखते हुए संजय ने जॉयस्टिक व्हीलचेयर के लिए संस्था स्नेह से संपर्क कर आवेदन किया था।
स्नेह संस्था के संस्थापक डॉ. पंकज मारू ने संजय की आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए उनके मामले को आगे बढ़ाया। संस्था की ओर से भारत सरकार की योजना के अंतर्गत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO), कानपुर से संपर्क किया गया और संजय की परिस्थितियों तथा आवश्यकता की जानकारी दी गई।
भारत सरकार की ADIP योजना का उद्देश्य पात्र दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनकी स्वतंत्र कार्यक्षमता और पुनर्वास में सहायता करना है।
ADIP योजना की आधिकारिक जानकारी – भारत सरकार
ALIMCO ने दिखाई तत्परता
संजय का मामला ALIMCO के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार के संज्ञान में आने के बाद मामले में तत्परता से कार्रवाई की गई।
संस्था की पहल और ALIMCO के सहयोग से संजय का आवेदन शीघ्र स्वीकृत हुआ। खास बात यह रही कि स्वीकृति के बाद मात्र एक दिन के भीतर जॉयस्टिक व्हीलचेयर नागदा भेज दी गई।
इस पूरी प्रक्रिया में स्नेह संस्था, सक्षम और लायंस क्लब नागदा ग्रेटर की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार ADIP योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है और इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन किया जाता है।
ARJUN-ADIP पोर्टल – सहायक उपकरण संबंधी आधिकारिक जानकारी
₹50 हजार की जॉयस्टिक व्हीलचेयर से आसान होगा आवागमन
संजय को करीब ₹50 हजार मूल्य की अत्याधुनिक जॉयस्टिक व्हीलचेयर मिलने से अब उनके दैनिक आवागमन में काफी सुविधा होने की उम्मीद है। जॉयस्टिक आधारित व्हीलचेयर के माध्यम से उन्हें अपने आवागमन में पहले की तुलना में अधिक स्वतंत्रता मिल सकेगी।
इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि संजय अपनी ऊर्जा और समय को बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई में लगा सकेंगे। UPSC जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए लंबे समय तक नियमित अध्ययन और एकाग्रता की आवश्यकता होती है।
संजय की कहानी यह भी बताती है कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति के सपनों की राह में अंतिम बाधा नहीं होतीं। सही सहयोग, संसाधन और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन भी अपने लक्ष्यों की ओर मजबूती से आगे बढ़ सकते हैं।
संस्थाओं की पहल बनी सहारा
इस पहल में स्नेह संस्था, सक्षम और लायंस क्लब नागदा ग्रेटर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजय की आवश्यकता को समझते हुए संबंधित संस्थाओं ने उनकी मदद के लिए प्रयास किया।
स्नेह के संस्थापक डॉ. पंकज मारू ने मामले को आगे बढ़ाया और ALIMCO से संपर्क कर संजय की जरूरत की जानकारी उपलब्ध कराई। इसके बाद प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अनुसार ADIP योजना के तहत आधुनिक एवं मानक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का उद्देश्य दिव्यांगजनों की स्वतंत्र कार्यक्षमता और सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास को बढ़ावा देना है।
ये लोग रहे मौजूद
व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के अवसर पर स्नेह सचिव विनयराज शर्मा, लायंस क्लब नागदा ग्रेटर के सतीश बजाज, सक्षम के अध्यक्ष चंदन कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष दिनेश दसलानिया, जीवेंद्र बिसेन और केशव गर्ग सहित अन्य लोग मौजूद थे।
सभी ने संजय को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि नई व्हीलचेयर से उनके आवागमन की परेशानी कम होगी तथा वे अपनी UPSC परीक्षा की तैयारी पर और अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
संजय के सपनों को मिली नई रफ्तार
संजय मकवाना की कहानी संघर्ष और संकल्प की मिसाल है। ड्वार्फिज्म दिव्यांगता के कारण आने वाली चुनौतियों के बावजूद UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करना उनके मजबूत आत्मविश्वास को दर्शाता है।
अब ₹50 हजार की जॉयस्टिक व्हीलचेयर मिलने से उनके लिए आवागमन आसान होने की उम्मीद है। यह सुविधा उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए अधिक समय देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।
संजय की इस कोशिश को मिला सामाजिक और संस्थागत सहयोग यह संदेश भी देता है कि यदि जरूरतमंद व्यक्ति तक सही समय पर सही संसाधन पहुंच जाएं, तो उसकी मंजिल की राह काफी आसान हो सकती है।
