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निवाई में 26 दिगम्बर जैन साधुओं का मंगल प्रवेश: आचार्य वर्धमान सागर संध का भव्य स्वागत

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Published On: 19 November 2025
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धर्मप्राण निवाई में 26 दिगम्बर जैन साधुओं का ऐतिहासिक मंगल प्रवेश: गाजे–बाजे और पुष्प वर्षा से हुआ भव्य स्वागत

निवाई (टोंक) – राजस्थान का ऐतिहासिक तीर्थक्षेत्र और अध्यात्म की सुगंध से भरा निवाई शहर मंगलवार को एक अनोखे और अविस्मरणीय अध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना। सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में राष्ट्रीय संत वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज संध के 26 पिच्छीधारी त्यागी तपस्वी दिगम्बर जैन साधुओं का शहर में गाजे-बाजे, पुष्प वर्षा और भक्तिमय उल्लास के साथ मंगल प्रवेश हुआ।

इस ऐतिहासिक स्वागत में न केवल निवाई बल्कि आसपास के क्षेत्रों के जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भी विशेष रूप से भाग लिया। जुलूस के दौरान पूरा शहर “जय जिनेन्द्र” के उद्घोष से गूंज उठा और हर मार्ग पर भक्तों ने फलक व फावड़े बिछाकर संतों का अगवानी की।

पार्श्वनाथ उद्यान से शहर तक भव्य शोभायात्रा

मंगल प्रवेश के लिए पार्श्वनाथ उद्यान को विशेष रूप से सजाया गया था। जैसे ही 26 जैन संतों की शोभायात्रा उद्यान से रवाना हुई, समाज के लोगों ने पुष्प वर्षा, शंख ध्वनि, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक गीतों के साथ इस दिव्य यात्रा का स्वागत किया।

जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला और सुनील भाणजा ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ को बताया कि आचार्य वर्धमान सागर महाराज संध का यह निवाई में शीतकालीन प्रवास अत्यंत विशेष माना जा रहा है। चातुर्मास पूर्ण होने के बाद यह पहला भव्य मंगल विहार है, जिसे हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति से ऐतिहासिक बना दिया।

टोंक से मंगल विहार करते हुए पहुंचे निवाई

प्रवक्ता राकेश संधी के अनुसार आचार्य संध ने अपने चातुर्मास प्रवास के पश्चात टोंक से निवाई के लिए मंगल विहार आरंभ किया था। मंगलवार सुबह वे अपने विशाल जुलूस के साथ निवाई पहुंचे। रास्ते में कई स्थानों पर भक्तों ने जल–अभिषेक, मांगलिक, और धर्म गीतों के साथ संतों का अभिनंदन किया।

विमल जौंला ने बताया कि मंगलवार को सुबह संत मंडल कल्याण कॉलेज परिसर पहुंचा, जहां जैन समाज की ओर से फलों का चढ़ावा अर्पित कर संतों का स्वागत किया गया। इसके बाद समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए, पद विहार की परंपरा निभाते हुए, आचार्य संध और साधु–संग के साथ निवाई नगर का मंगल प्रवेश कराया।

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प्रमुख मार्गों से होते हुए संत निवास नसियां जैन मंदिर पहुंचे

मंगल प्रवेश शोभायात्रा ने निवाई शहर के प्रमुख मार्गों जैसे मुख्य बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, बस स्टैंड रोड, घंटाघर क्षेत्र और अन्य प्रमुख स्थानों से होते हुए समाज के प्रमुख तीर्थ नसियां जैन मंदिर में प्रवेश किया।

नसियां जी मंदिर में भगवान शांतिनाथ भगवान के दर्शन करते हुए शोभायात्रा का समापन हुआ, जहां जैन मुनि प्रभव सागर महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, त्याग, संयम, अहिंसा और अध्यात्म पर प्रेरणादायक उद्बोधन दिया।

धर्मसभा में महिलाओं ने किया भावभीना मंगलाचरण

धर्मसभा के शुभारंभ से पूर्व जैन महिला मंडल ने अत्यंत भावपूर्ण मंगलाचरण प्रस्तुत किया। महिला मंडल की प्रभारी विनिता बगड़ी के नेतृत्व में प्रियंका पराणा, नीलम चंवरिया, नेहा बगड़ी और पूजा चेनपूरा ने सामूहिक स्वर में मंगलाचरण कर सभा का वातावरण आध्यात्मिक बना दिया।

इसके बाद पंडित सुरेश कुमार शास्त्री ने जिनवाणी स्तुति प्रस्तुत की, जिसने पूरे पांडाल को भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग दिया।

समाज के वरिष्ठ सदस्यों और गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति

आचार्य संध के इस ऐतिहासिक मंगल प्रवेश और धर्मसभा में निवाई व आसपास के क्षेत्रों से अनेक गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाया।

पारस जैन “पार्श्वमणि” ने बताया कि आयोजन में प्रमुख रूप से उपस्थित थे –

  • जितेन्द्र चंवरिया

  • मनोज पाटनी

  • राजेश चौधरी

  • पार्षद प्रदीप पारीक

  • मदनलाल वर्मा

  • नितिन छाबड़ा

  • मोहित चंवरिया

  • गोपाल कठमाणा

  • विष्णु बोहरा

  • पवन सांवलिया

  • सुशील गिन्दौड़ी

  • पवन बड़ागांव

  • महेन्द्र चंवरिया

  • हुकमचंद जैन

  • अशोक बिलाला

  • दिलीप बगड़ी

  • विनोद पांडया

  • विमल गिन्दौड़ी

  • कमल सोगानी

  • रोनक बोहरा

  • दिलीप भाणजा

  • हेमन्त जैन

इन सभी ने अपने-अपने तरीके से आयोजन में सहयोग दिया और संतों के मंगल प्रवेश को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निवाई में शीतकालीन प्रवास का शुभारंभ

आचार्य वर्धमान सागर महाराज संध का निवाई में शीतकालीन प्रवास जैन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण अवसर माना जा रहा है। संत निवास में आने वाले दिनों में कई प्रवचन, मंत्र–अर्चना, सामूहिक पाठशाला गतिविधियाँ, धार्मिक कार्यक्रम और आध्यात्मिक शिक्षाएँ आयोजित की जाएंगी।

जैन समाज के अनुसार इस प्रवास से निवाई शहर में अध्यात्म, धर्म, संयम और संस्कारों का नया वातावरण विकसित होगा, जिससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे।

निष्कर्ष

मंगल प्रवेश का यह अद्भुत दृश्य न केवल जैन समाज के लिए, बल्कि पूरे निवाई शहर के लिए सदियों तक याद किया जाने वाला अध्यात्मिक महोत्सव बन गया है। 26 दिगम्बर जैन साधुओं की यह प्रवेश यात्रा निवाई के धार्मिक इतिहास में एक नई उर्जा भरने वाली साबित हुई है।

प्रस्तुति : पारस जैन ‘पार्श्वमणि’, पत्रकार – कोटा (राज.)
मो. 9414764980

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