पर्यूषण पर्व 2025: जैन धर्म अनुयायी कर्मचारियों को दो घंटे देर से आने की अनुमति, हाईकोर्ट का आदेश
इंदौर, 27 अगस्त 2025:
जैन समाज के लिए पर्यूषण पर्व का विशेष महत्व है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला लिया है। धर्म प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी दी कि पर्यूषण पर्व के दौरान प्रदेशभर में सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों में कार्यरत जैन धर्म अनुयायी कर्मचारियों को 2 घंटे देरी से आने की सशर्त अनुमति प्रदान की गई है।
आदेश की अवधि और शर्तें
यह विशेष अनुमति 28 अगस्त 2025 (गुरुवार) से 6 सितंबर 2025 (शनिवार) तक लागू रहेगी। इस अवधि में जैन कर्मचारी अपने कार्यालय में सुबह दो घंटे देर से आ सकेंगे।
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यह सुविधा केवल जैन धर्म के अनुयायी कर्मचारियों के लिए मान्य होगी।
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कार्यालय में देर से आने के बावजूद नियमित कार्य प्रभावित न हो, इसकी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की होगी।
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आदेश माननीय मुख्य न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर जारी किया गया है।
पर्यूषण पर्व का महत्व
पर्यूषण पर्व जैन धर्म का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और धार्मिक उत्सव माना जाता है। इस दौरान अनुयायी प्रातःकालीन पूजा, सामायिक, प्रतिक्रमण और उपवास जैसी तपस्या करते हैं। चूंकि अधिकांश धार्मिक क्रियाएं प्रातःकाल में होती हैं, इसलिए जैन समाज लंबे समय से यह मांग उठाता रहा है कि कर्मचारियों को कार्यालय में देर से आने की अनुमति दी जाए।
जैन समाज की प्रतिक्रिया
जैन समाज ने इस निर्णय का स्वागत किया है। समाजजन का मानना है कि इससे कर्मचारियों को अपने धार्मिक पर्व को पूर्ण श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाने में सहूलियत मिलेगी।
धर्म प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि यह निर्णय न केवल जैन समाज की आस्था का सम्मान है, बल्कि धार्मिक सौहार्द और सामाजिक सहयोग की मिसाल भी है।
