नागदा में 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ की सफलता हेतु भारत कॉमर्स विद्यालय में अखंड ज्योति दीप प्रज्वलन व अनुष्ठान प्रारंभ। जानिए आयोजन का उद्देश्य और कार्यक्रम विवरण।
- प्रस्तावना
- 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ का उद्देश्य
- भारत कॉमर्स विद्यालय में अनुष्ठान की शुरुआत
- अखंड ज्योति दीप प्रज्वलन का आध्यात्मिक महत्व
- गायत्री शक्तिपीठ ट्रस्ट की भूमिका
- समाज और युवाओं के लिए संदेश
- आयोजन से जुड़ी प्रमुख जानकारियां
1. प्रस्तावना
नागदा जंक्शन में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक उत्थान का संदेश लेकर 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ की पावन तैयारियों का शुभारंभ हो गया है। इस महायज्ञ की सफलता के लिए आज से भारत कॉमर्स विद्यालय प्रांगण में विधिवत धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किए गए।
2. 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ का उद्देश्य
108 कुंडी गायत्री महायज्ञ का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भावना, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। इस महायज्ञ के माध्यम से जन-जन को वेद माता गायत्री के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
3. भारत कॉमर्स विद्यालय में अनुष्ठान की शुरुआत
बुधवार को भारत कॉमर्स विद्यालय प्रांगण में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के साथ 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अखंड ज्योति पाठ का भी आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लिया।
4. अखंड ज्योति दीप प्रज्वलन का आध्यात्मिक महत्व
महायज्ञ की नींव के रूप में अखंड ज्योति दीप प्रज्वलित की गई, जो यज्ञ की पूर्णाहुति तक निरंतर प्रज्वलित रहेगी। यह अखंड ज्योति आत्मिक जागरण, निरंतर साधना और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
5. गायत्री शक्तिपीठ ट्रस्ट की भूमिका
इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ ट्रस्ट की सक्रिय कार्यकर्ता ममता बैरागी जी ने उपस्थितजनों को परम पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा आचार्य एवं वेद माता गायत्री जी की आराधना का महत्व बताया। उन्होंने 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ की तैयारियों, अनुशासन और सहभागिता को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
6. समाज और युवाओं के लिए संदेश
आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि जीवन निर्माण, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा है। युवाओं को विशेष रूप से संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया गया।
7. आयोजन से जुड़ी प्रमुख जानकारियां
- आयोजन: 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ
- स्थान: भारत कॉमर्स विद्यालय, नागदा जं.
- कार्यक्रम: दीप प्रज्वलन, अखंड ज्योति पाठ, महायज्ञ की तैयारी
- तिथि: 17 दिसंबर 2025
- संयोजन: गायत्री शक्तिपीठ ट्रस्ट
- संवाददाता: कमलेश परमार
