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Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike: 3 हफ्ते में तीसरी बार बढ़े दाम, अब इतने रुपये देने होंगे एक्स्ट्रा

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Published On: 20 March 2026
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Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike: जोमैटो और स्विगी ने डिलीवरी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है। जानिए नए चार्ज, पेट्रोल-डीजल से कनेक्शन और बढ़ते ऑर्डर पर कितना होगा असर।

Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike: अगर आप भी घर बैठे जोमैटो या स्विगी से खाना ऑर्डर करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए है। ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना अब और भी महंगा हो गया है। दरअसल, देश की दो प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनियों, जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) ने एक बार फिर अपनी Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike (डिलीवरी प्लेटफॉर्म फीस) में इजाफा कर दिया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब पेट्रोल-डीजल से लेकर गैस सिलेंडर तक की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर दोहरा बोझ पड़ रहा है।

आइए, इस Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike की पूरी डिटेल, इसके पीछे के कारण और आपके बटुए पर पड़ने वाले असर को विस्तार से समझते हैं।

कितनी बढ़ी प्लेटफॉर्म फीस?

Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक दोनों कंपनियों ने अपनी फीस में अलग-अलग बढ़ोतरी की है।

  • Zomato (जोमैटो): जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में करीब 20% की बढ़ोतरी की है। पहले जहां प्रति ऑर्डर पर 10 रुपये की फीस ली जाती थी, वहीं अब यह बढ़कर 12 रुपये प्रति ऑर्डर हो गई है। यानी अब आप जितनी बार भी खाना ऑर्डर करेंगे, हर बार 12 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

  • Swiggy (स्विगी): स्विगी ने भी इस मामले में जोमैटो को पीछे नहीं छोड़ा है। कंपनी ने फीस बढ़ाकर अब 15 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी है।

3 हफ्ते में तीसरी बार: Swiggy ने बढ़ाए दाम

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्विगी ने पिछले 3 हफ्तों के दौरान यह तीसरी बार दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले भी कंपनी ने धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म फीस में संशोधन किया था। इस लगातार हो रही Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike से यह साफ है कि कंपनियां अपने ऑपरेशनल खर्चों को कवर करने के लिए ग्राहकों पर बोझ डाल रही हैं।

ईरान-इज़राइल युद्ध का असर: क्यों महंगा हुआ फूड डिलीवरी?

आप सोच रहे होंगे कि ईरान और इज़राइल के बीच तनाव का असर आपके ऑर्डर किए गए पिज्जा पर कैसे पड़ रहा है? दरअसल, इसका सीधा संबंध कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों से है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल के दामों में उछाल आया है।

हाल ही में भारत में प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतें बढ़ाई गई हैं। डिलीवरी पार्टनर्स (डिलीवरी बॉयज) जो बाइक चलाते हैं, उनके लिए पेट्रोल एक प्रमुख खर्च है। जब पेट्रोल महंगा हो जाता है, तो कंपनियों पर डिलीवरी पार्टनर्स को अतिरिक्त पेमेंट करने का दबाव बनता है। इसी दबाव को कम करने के लिए कंपनियां यह Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike कर रही हैं।

 Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike का आपके ऑर्डर पर असर

यह Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike सिर्फ एक अतिरिक्त चार्ज नहीं है। यह कई मायनों में आपके ऑर्डर को महंगा बना रहा है।

  1. हर ऑर्डर पर अतिरिक्त बोझ: भले ही 12 या 15 रुपये एक बार में छोटी रकम लगती हो, लेकिन अगर आप महीने में 10-15 बार ऑर्डर करते हैं, तो यह 150 से 200 रुपये का अतिरिक्त खर्च बन जाता है।

  2. सरचार्ज और टैक्स का डबल असर: यह प्लेटफॉर्म फीस अलग है, इस पर जीएसटी (GST) अलग से लगता है। यानी आपको 12 रुपये पर 18% जीएसटी भी देना होगा।

  3. छोटे ऑर्डर पर भारी पड़ेगा: अगर आप सिर्फ 100-150 रुपये का छोटा ऑर्डर करते हैं, तो यह Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike उस ऑर्डर को और भी महंगा बना देती है।

क्या अब ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना बंद कर देना चाहिए?

यह सवाल हर उस ग्राहक के मन में आ रहा है जो बजट में रहकर खर्च करना पसंद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ शुरुआत हो सकती है। अगर कच्चे तेल के दाम और बढ़ते हैं, तो डिलीवरी चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस में और इजाफा देखने को मिल सकता है।हालांकि, कंपनियों का तर्क है कि यह फीस उनकी सेवाओं को बनाए रखने और डिलीवरी पार्टनर्स को बेहतर पेमेंट देने के लिए आवश्यक है। लेकिन ग्राहकों के लिए यह राहत की बात नहीं है।

बढ़ती महंगाई और डिलीवरी प्लेटफॉर्म का भविष्य

Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike ने एक बार फिर इस बात को उजागर किया है कि डिलीवरी प्लेटफॉर्म का बिजनेस मॉडल कितना संवेदनशील है। शुरुआत में भारी डिस्काउंट और कैशबैक देकर ग्राहकों को लुभाने वाली ये कंपनियां अब प्रॉफिटेबिलिटी (लाभ कमाने) पर फोकस कर रही हैं।

निष्कर्ष

आज के समय में Zomato Swiggy Food Delivery Fees Hike एक ऐसा मुद्दा है, जो सीधे आम ग्राहक की जेब पर हमला करता है। जहां एक तरफ महंगाई पहले से ही चरम पर है, वहीं डिलीवरी प्लेटफॉर्म की बढ़ी हुई फीस ने ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग को एक लग्जरी सर्विस बना दिया है।हालांकि, समय के साथ कंपनियों को अपने खर्चों को मैनेज करने के लिए ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं, लेकिन ग्राहकों के लिए यह सलाह है कि वे अब ऑर्डर करते समय सिर्फ खाने की कीमत न देखें, बल्कि डिलीवरी चार्ज, प्लेटफॉर्म फीस और टैक्स को जोड़कर ही ऑर्डर की कुल कीमत का आकलन करें। फिलहाल, ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने का शौक अब पहले से कुछ ज्यादा ही महंगा हो गया है।

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