Zomato ग्रुप में नया युग: अलबिंदर ढिंडसा ने संभाली कमान, 1 फरवरी से प्रभावी
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal Limited) के फाउंडर और ग्रुप CEO दीपिंदर गोयल ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने इस बात की जानकारी 21 जनवरी 2026 को दी है। गोयल का इस्तीफा 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। इस खबर के बाद बाजार और उद्योग जगत में चर्चा का विषय बन गया है कि अब जोमैटो का नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा। कंपनी ने घोषणा की है कि क्विक-कॉमर्स कंपनी Blinkit के CEO अलबिंदर ढिंडसा (Albinder Dhindsa) एटरनल ग्रुप के नए CEO बनेंगे और दीपिंदर गोयल की जगह लेंगे।
एटरनल का नाम बदलकर हुआ था नया रूप
Zomato की पैरेंट कंपनी का नाम पहले Zomato Limited था, लेकिन मार्च 2025 में कंपनी ने अपना नाम बदलकर Eternal Limited कर लिया था। कंपनी का यह कदम बिजनेस विस्तार और ग्रुप के नए फोकस को ध्यान में रखते हुए उठाया गया था। अब इसी ग्रुप की कमान संभालने वाले हैं Blinkit के CEO अलबिंदर ढिंडसा।
कौन हैं अलबिंदर ढिंडसा?
अलबिंदर ढिंडसा का नाम अब Zomato के भविष्य से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी के साथ चर्चा में है। उनके बारे में उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढिंडसा का जन्म पंजाब के पटियाला में हुआ था। उन्होंने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी जोमैटो की पूर्व वरिष्ठ अधिकारी आकृति चोपड़ा से हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिंदर गोयल और अलबिंदर ढिंडसा 20 साल से अधिक समय से दोस्त हैं, जो इस बदलाव को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
ढिंडसा का करियर: इंजीनियरिंग से बिजनेस लीडर तक का सफर
ढिंडसा ने अपने करियर की शुरुआत URS Corporation में ट्रांसपोर्टेशन एनालिस्ट के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने Cambridge Systematics में सीनियर एसोसिएट के तौर पर काम किया, जहां उनका काम लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सिस्टम्स से जुड़ा हुआ था। यह वह समय था जब उन्होंने सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में मजबूत अनुभव हासिल किया। साल 2010 में उन्होंने MBA करने के लिए अमेरिका का रुख किया और Columbia Business School में दाखिला लिया। इसी दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए UBS Investment Bank में एसोसिएट के रूप में भी काम किया। MBA पूरा करने के बाद ढिंडसा भारत लौटे और Zomato से जुड़ गए। उन्होंने जोमैटो में इंटरनेशनल ऑपरेशंस हेड के रूप में काम किया और कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में जोमैटो ने कई देशों में अपना बिजनेस फैलाया और मजबूत किया।
Grofers से Blinkit तक: फास्ट-डिलीवरी की दिशा में कदम
साल 2014 में ढिंडसा ने Grofers की स्थापना की, जो कि एक ऑनलाइन ग्रोसरी और फास्ट-डिलीवरी प्लेटफॉर्म था। Grofers ने धीरे-धीरे बाजार में अपनी पहचान बनाई, लेकिन 2021 में कंपनी ने अपना नाम बदलकर Blinkit कर लिया। Blinkit का उद्देश्य ग्राहकों को किराने का सामान और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें तुरंत उपलब्ध कराना था, यानी क्विक-कॉमर्स की दुनिया में तेजी से उभरना। Blinkit की खासियत यह थी कि यह 10–20 मिनट के अंदर डिलीवरी का दावा करता था, जिससे यह इंडियन ई-कॉमर्स मार्केट में एक अलग तरह का मॉडल बन गया।
Zomato ने Blinkit को किया अधिग्रहण
साल 2022 में जोमैटो ने Blinkit का अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद भी अलबिंदर ढिंडसा Blinkit के CEO बने रहे और कंपनी को तेजी से आगे बढ़ाया। Blinkit के साथ Zomato का यह कदम क्विक-कॉमर्स के क्षेत्र में उसकी पकड़ को मजबूत करने वाला माना गया। अब जब अलबिंदर ढिंडसा एटरनल ग्रुप के CEO बनेंगे, तो यह संकेत है कि जोमैटो ग्रुप क्विक-कॉमर्स और फूड डिलीवरी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार की योजना पर काम कर रहा है।
अब नई जिम्मेदारी: Blinkit से एटरनल का CEO
अलबिंदर ढिंडसा फिलहाल Blinkit के CEO के रूप में कार्यरत थे, लेकिन अब उन्हें पूरे एटरनल ग्रुप का CEO बनाया जाएगा। यह पद उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ाएगा क्योंकि अब उन्हें न केवल Blinkit बल्कि Zomato और ग्रुप की अन्य कंपनियों के संचालन और रणनीति का नेतृत्व करना होगा। इस बदलाव को कंपनी ने एक महत्वपूर्ण कदम माना है और उम्मीद जताई जा रही है कि ढिंडसा के नेतृत्व में एटरनल ग्रुप नई ऊंचाइयों को छुएगा।
