अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए भारतीय मूल के डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार जोहरान ममदानी Zohran Mamdani ने अमेरिका के प्रमुख शहर न्यूयॉर्क के मेयर का चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से जीत हासिल की है। बता दे की ममदानी को कुल 50.4% वोट मिले हैं, जिससे उन्होंने अपने विरोधियों को कड़ी टक्कर देते हुए इतिहास रच दिया। वे पिछले 100 वर्षों में न्यूयॉर्क के सबसे युवा मेयर बने हैं।
केवल 41% ही हासिल कर पाए पूर्व गवर्नर
न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को इस चुनाव में 41% यानी लगभग 8.5 लाख वोट मिले, जिससे वे दूसरे स्थान पर रहे बता दे की कुओमो एक निर्दलीय उम्मीदवार थे। वहीं रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को 7.1% करीब 1.45 लाख वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। ममदानी की इस ऐतिहासिक जीत को अमेरिकी राजनीति में डायवर्सिटी और इन्क्लूजन का प्रतीक माना जा रहा है।

कौन है जोहरान ममदानी ?
जोहरान ममदानी मशहूर फिल्म डायरेक्टर मीरा नायर के बेटे हैं, जो “मॉनसून वेडिंग” और “सलाम बॉम्बे” जैसी प्रसिद्ध फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। भारतीय पृष्ठभूमि और सामाजिक सोच से जुड़े ममदानी लंबे समय से सोशल एक्टिविज्म और कम्युनिटी पॉलिटिक्स में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क में किराएदारों, प्रवासियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। उनकी चुनावी मुहिम का फोकस ‘Affordable Housing’, ‘Public Safety’ और ‘Social Justice’ पर रहा।
जीत के बाद भाषण में ममदानी बोले ~
जीत के बाद ममदानी ने न्यूयॉर्क की जनता को संबोधित करते हुए भावुक भाषण दिया। उन्होंने कहा, “जिस शहर ने ट्रम्प को पैदा किया, वही अब देश को दिखाएगा कि उन्हें कैसे हराया जाता है। डोनाल्ड ट्रम्प, मुझे पता है कि आप यह देख रहे हैं। मेरे पास आपके लिए चार शब्द हैं — वॉल्यूम जरा तेज करो।” उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियाँ बटोरीं और उनके समर्थकों ने इसे “नई पीढ़ी की आत्मविश्वासी आवाज़” बताया।
ममदानी की इस जीत को न सिर्फ अमेरिकी राजनीति में, बल्कि भारतीय समुदाय में भी गौरवपूर्ण पल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जीत अमेरिका में प्रवासी भारतीयों की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को दर्शाती है। जहां पहले भारतीय-अमेरिकन समुदाय सिर्फ तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी था, वहीं अब वह राजनीतिक नेतृत्व में भी मजबूत स्थिति में आ रहा है।
