शारदा नहर डेजिंग से बाढ़ पर काबू: CM योगी की स्मार्ट पहल से 180 करोड़ का प्रोजेक्ट सिर्फ 22 करोड़ में पूरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बावजूद इस बार कई जिलों में बाढ़ का बड़ा असर देखने को नहीं मिला। लखीमपुर खीरी, सीतापुर, पीलीभीत और बाराबंकी जैसे जिलों में जहां पहले बाढ़ मारक साबित होती थी, वहीं इस साल हालात काबू में रहे। इसकी बड़ी वजह रही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी पहल – शारदा नहर डेजिंग प्रोजेक्ट।
180 करोड़ के बजाय सिर्फ 22 करोड़ में मिला स्थायी समाधान
लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में हर साल शारदा नहर का पानी बढ़ने से करीब 2.5 लाख लोग प्रभावित होते थे और 10 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो जाती थी। अधिकारियों ने मिट्टी का बांध बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसकी लागत 180 करोड़ रुपये और 200 किसानों की जमीन की जरूरत थी।
लेकिन सीएम योगी ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने मिट्टी का बांध बनाने की बजाय 7.5 किलोमीटर लंबाई में नहर की डेजिंग (सफाई व गहराई बढ़ाने का काम) कराने का निर्णय लिया। इससे पानी सीधे सरयू नदी में पहुंचने लगा और गाँवों में बाढ़ घुसने का खतरा खत्म हो गया।
इस काम पर सिर्फ 22 करोड़ रुपये खर्च हुए और लाखों किसानों को राहत मिली।
नहर की मौजूदा स्थिति – 4 लाख क्यूसेक पानी भी काबू में
मानसून में नेपाल से छोड़े गए पानी की वजह से इस समय शारदा नहर में करीब 4 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। पहले यही पानी 12 जिलों में तबाही मचाता था। मगर इस साल डेजिंग के कारण नहर अपने प्राकृतिक प्रवाह में लौट आई और पानी नियंत्रित तरीके से बहकर आगे सरयू में पहुंच रहा है।
किसानों और गाँव वालों की बड़ी जीत
16 गाँव सीधे तौर पर और करीब डेढ़ लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से हर साल बाढ़ की मार झेलते थे। लेकिन इस बार लोगों ने राहत की सांस ली। किसानों की जमीन बच गई, फसलें सुरक्षित रहीं और सिंचाई की सुविधा भी और बेहतर हो गई।
लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि ग्रामीण बेहद खुश हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। पहली बार बिना जमीन छीने और कम खर्च में इतना बड़ा समाधान देखने को मिला है।
पहले भी कारगर साबित हुआ डेजिंग का फॉर्मूला
यह पहली बार नहीं है जब योगी सरकार ने डेजिंग को समाधान के रूप में चुना हो। 2017 में सरयू नदी के एल्गिन ब्रिज क्षेत्र में भी हर साल बाढ़ की समस्या रहती थी। उस समय 115 करोड़ रुपये के ठेके के बावजूद राहत नहीं मिली थी। CM योगी ने वहां सिर्फ 5 करोड़ रुपये में डेजिंग कराई और स्थायी समाधान दिया।
CM योगी की प्रशासनिक कुशलता का बड़ा सबूत
शारदा नहर डेजिंग प्रोजेक्ट यह साबित करता है कि सही इच्छाशक्ति और रणनीति से करोड़ों के प्रोजेक्ट को कम समय और कम बजट में पूरा किया जा सकता है।
इससे न सिर्फ बाढ़ पर काबू पाया गया, बल्कि लाखों किसानों की खेती और जीवन दोनों को सुरक्षित करने में मदद मिली।
