UP Election 2027: CM की पसंद में योगी आदित्यनाथ आगे, ऑनलाइन सर्वे में 61.7% समर्थन; अखिलेश यादव दूसरे नंबर पर
UP Assembly Election 2027: 48 घंटे के ऑनलाइन सर्वे में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर पूछी गई राय, योगी आदित्यनाथ को 61.7% और अखिलेश यादव को करीब 38% समर्थन मिलने का दावा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। चुनाव में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर सामने आए एक ऑनलाइन सर्वे ने नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। सर्वे में मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सबसे ज्यादा समर्थन मिलने का दावा किया गया है, जबकि समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दूसरे स्थान पर बताए गए हैं।
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश मेहरोत्रा के पोर्टल ‘Whispers in the Corridors’ की ओर से कराए गए 48 घंटे के ऑनलाइन सर्वे के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद की पसंद के सवाल पर योगी आदित्यनाथ को 61.7 प्रतिशत समर्थन मिला। वहीं अखिलेश यादव को करीब 38 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपनी पसंद बताया।
हालांकि, यह एक ऑनलाइन सर्वे है। इसे पूरे उत्तर प्रदेश के मतदाताओं की राय या विधानसभा चुनाव के नतीजों का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता। चुनाव में अभी समय बाकी है और इस दौरान राजनीतिक परिस्थितियां, गठबंधन, उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं की प्राथमिकताएं बदल सकती हैं।
योगी आदित्यनाथ को 61.7 प्रतिशत समर्थन का दावा
सर्वे में मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर योगी आदित्यनाथ सबसे आगे दिखाई दिए। उन्हें 61.7 प्रतिशत समर्थन मिलने का दावा किया गया है। सर्वे में उनके पक्ष में कानून-व्यवस्था और प्रशासन जैसे मुद्दों को महत्वपूर्ण कारणों में शामिल बताया गया।
योगी आदित्यनाथ 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद उन्होंने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। ऐसे में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अखिलेश यादव को करीब 38 प्रतिशत समर्थन
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद की पसंद के मामले में सर्वे में दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें करीब 38 प्रतिशत समर्थन मिलने की बात कही गई है।
अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और प्रदेश में समाजवादी पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। भाजपा के खिलाफ विपक्ष की राजनीति में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले पर विशेष नजर रहने की संभावना है।
क्या 2027 में फिर योगी बनाम अखिलेश होगा मुकाबला?
ऑनलाइन सर्वे सामने आने के बाद यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव एक बार फिर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के नेतृत्व के इर्द-गिर्द केंद्रित होगा।
भाजपा जहां अपने शासन, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को चुनावी मुद्दा बना सकती है, वहीं समाजवादी पार्टी सरकार को रोजगार, महंगाई, सामाजिक समीकरण और अन्य जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति अपना सकती है।
हालांकि चुनाव के करीब पहुंचने तक दोनों दलों की रणनीति और चुनावी मुद्दों में बदलाव संभव है।
ऑनलाइन सर्वे को चुनावी भविष्यवाणी मानना जल्दबाजी
ऑनलाइन सर्वे में योगी आदित्यनाथ को बड़ी बढ़त दिखाई गई है, लेकिन ऐसे सर्वे की अपनी सीमाएं होती हैं। ऑनलाइन पोल में हिस्सा लेने वाले लोग आवश्यक रूप से प्रदेश की पूरी मतदाता आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं करते। सर्वे के सैंपल साइज, प्रतिभागियों के चयन और अन्य पद्धतिगत जानकारियों के आधार पर ही उसके निष्कर्षों की व्यापकता का आकलन किया जा सकता है।
इसलिए 61.7 प्रतिशत और करीब 38 प्रतिशत के आंकड़ों को संबंधित ऑनलाइन सर्वे के परिणाम के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि पूरे उत्तर प्रदेश के मतदाताओं की निश्चित राय के रूप में।
2027 से पहले बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
उत्तर प्रदेश देश की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। विधानसभा चुनाव से पहले जातीय-सामाजिक समीकरण, राजनीतिक गठबंधन, प्रत्याशियों का चयन और स्थानीय मुद्दे चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल इस ऑनलाइन सर्वे ने मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच तुलना को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले महीनों में दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों की रणनीति और जनता के बीच उठने वाले मुद्दे यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि 2027 का वास्तविक चुनावी मुकाबला किस दिशा में आगे बढ़ता है।
