यमुना अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह का कार्यकाल एक साल बढ़ा, 30 सितंबर 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय के बाद वह अब 30 सितंबर 2027 तक यमुना अथॉरिटी के सीईओ पद पर बने रहेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रहा था।
आरके सिंह के पास नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ की जिम्मेदारी भी है। नए आदेश के बाद वह इस पद का दायित्व भी संभालते रहेंगे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें लगातार दूसरी बार एक वर्ष का पुनर्नियोजन दिया गया है। इस प्रकार दोनों संस्थाओं में उनकी मौजूदा प्रशासनिक जिम्मेदारियां आगे भी जारी रहेंगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने दिया एक वर्ष का विस्तार
राकेश कुमार सिंह के कार्यकाल को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक वर्ष के अतिरिक्त पुनर्नियोजन का निर्णय लिया है। पहले उनका कार्यकाल 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित था। नई व्यवस्था के तहत इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर 2027 कर दी गई है।
इस फैसले का सीधा प्रभाव यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक नेतृत्व पर पड़ेगा। प्राधिकरण के सीईओ के रूप में आरके सिंह आगे भी जिम्मेदारी संभालेंगे। उपलब्ध विवरण में कार्यकाल बढ़ाने की जानकारी दी गई है, लेकिन आदेश की अन्य सेवा शर्तों, मानदेय या अतिरिक्त प्रावधानों का उल्लेख नहीं किया गया है।
सेवानिवृत्ति के बाद लगातार दूसरा पुनर्नियोजन
आरके सिंह को सेवानिवृत्ति के बाद लगातार दूसरी बार एक वर्ष के लिए पुनर्नियुक्त किया गया है। इससे पहले मिला उनका एक वर्ष का कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को पूरा हो रहा था। अब सरकार ने उन्हें अगले एक वर्ष तक जिम्मेदारी संभालने का अवसर दिया है।
पुनर्नियोजन का अर्थ सेवानिवृत्ति के बाद निर्धारित अवधि के लिए दोबारा सेवा की जिम्मेदारी देना है। इस मामले में नई अवधि एक वर्ष की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरके सिंह का अगला कार्यकाल 30 सितंबर 2027 तक रहेगा। इसके बाद की किसी नियुक्ति या विस्तार के बारे में दिए गए विवरण में कोई जानकारी नहीं है।
यमुना अथॉरिटी के सीईओ पद पर बने रहेंगे
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को संक्षेप में YEIDA कहा जाता है। राकेश कुमार सिंह इसी प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं। कार्यकाल विस्तार के बाद सीईओ पद पर उनकी जिम्मेदारी जारी रहेगी और प्राधिकरण को मौजूदा अधिकारी के नेतृत्व में काम करने की निरंतरता मिलेगी।
किसी संस्था में मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पद प्रशासनिक कामकाज और निर्णयों के समन्वय से जुड़ा होता है। कार्यकाल बढ़ने से नेतृत्व की अवधि स्पष्ट हो जाती है। हालांकि, इस निर्णय के आधार पर किसी नई योजना की घोषणा, परियोजना की मंजूरी या किसी विशेष काम की समयसीमा तय होने का दावा नहीं किया जा सकता। ऐसी जानकारी संबंधित निर्णयों के सामने आने पर ही स्पष्ट होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की जिम्मेदारी भी जारी
आरके सिंह केवल यमुना अथॉरिटी के सीईओ ही नहीं हैं, बल्कि उनके पास नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ का दायित्व भी है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, नए आदेश के बाद वह इस पद पर भी बने रहेंगे। इस तरह कार्यकाल विस्तार के साथ उनकी दोनों जिम्मेदारियां जारी रहेंगी।
यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ पद और एयरपोर्ट के संचालन संबंधी घोषणाओं के बीच अंतर समझना आवश्यक है। किसी अधिकारी का कार्यकाल बढ़ाया जाना अपने आप में एयरपोर्ट शुरू होने, उड़ानों की तारीख तय होने या निर्माण कार्य पूरा होने की घोषणा नहीं है। दिए गए विवरण में एयरपोर्ट की परिचालन स्थिति या किसी नई समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है।
दोनों पदों पर प्रशासनिक निरंतरता
सरकार के निर्णय के बाद यमुना अथॉरिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, दोनों में आरके सिंह की भूमिका बनी रहेगी। इससे इन पदों पर तत्काल नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति नहीं बनेगी। मौजूदा अधिकारी को अतिरिक्त अवधि मिलने से संबंधित संस्थाओं में प्रशासनिक निरंतरता बनी रहने का सामान्य अर्थ निकलता है।
हालांकि, सरकार ने कार्यकाल बढ़ाने के पीछे क्या विशेष कारण बताए हैं, इसका विवरण उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए इस निर्णय को किसी खास उपलब्धि, परियोजना की प्रगति या भविष्य के लक्ष्य से जोड़कर प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। फैसले का पुष्ट विवरण फिलहाल कार्यकाल की अवधि और दोनों पदों पर जिम्मेदारी जारी रहने तक सीमित है।
नई अवधि की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2027
इस निर्णय में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आरके सिंह के कार्यकाल की अंतिम तिथि का है। पहले निर्धारित अवधि 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रही थी। अब इसे एक वर्ष बढ़ाकर 30 सितंबर 2027 कर दिया गया है। नई अवधि के दौरान वह यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ बने रहेंगे।
साथ ही, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ का दायित्व भी उनके पास रहेगा। सेवानिवृत्ति के बाद लगातार दूसरा पुनर्नियोजन मिलने से उनकी सेवा अवधि में एक वर्ष और जुड़ गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार का नया निर्णय इन्हीं दोनों जिम्मेदारियों को जारी रखने और कार्यकाल बढ़ाने से संबंधित है।
