विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025: भारत ने वैश्विक स्तर पर दिखाया दम, 22 पदक जीतकर बनाया इतिहास
नई दिल्ली, अक्टूबर 2025:
इंडियनऑयल द्वारा आयोजित वर्ल्ड पैरालंपिक एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 (WPAAC 2025) रविवार को सफलतापूर्वक समाप्त हुई। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 100 से अधिक देशों के 2200 से ज्यादा एथलीट्स ने हिस्सा लिया और कुल 186 मेडल इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा की। भारत ने मेज़बानी करते हुए रिकॉर्ड 22 पदक जीते – जिनमें 6 गोल्ड, 9 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज शामिल हैं – और अपने अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन का इतिहास रचा।
खेल जगत के दिग्गज और अंतरराष्ट्रीय एथलीटों का कहना है कि भारत ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 की मेज़बानी करके अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की नई ऊँचाई हासिल की है।
भारत का प्रदर्शन और उपलब्धियां
पिछले चार वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत के पदक इस प्रकार रहे हैं:
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दुबई 2019: 9 पदक
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पेरिस 2023: 10 पदक
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कोबे 2024: 17 पदक
पैरालंपिक में भी भारत के पदक लगातार बढ़े हैं:
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एथेंस 2004: 2 पदक
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रियो 2016: 4 पदक
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टोक्यो 2020: 19 पदक
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पेरिस 2024: 29 पदक
इस बार के प्रदर्शन से स्पष्ट है कि भारतीय पैरा एथलीट्स को सरकार और विभिन्न खेल योजनाओं का पूरा समर्थन मिल रहा है। डब्ल्यूपीएसी 2025 में टीओपीएस स्कीम के तहत 15 खिलाड़ियों और खेलो इंडिया प्रोग्राम के 1 खिलाड़ी ने पदक जीते। कुल मिलाकर 23 टीओपीएस और 22 खेलो इंडिया के खिलाड़ी इस चैम्पियनशिप में शामिल थे।
अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा और भारत की मेज़बानी
भारत चौथा एशियाई देश बन गया है जिसने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की मेज़बानी की है।
नीदरलैंड्स की फ्ल्योर जोंग, जो छह बार की वर्ल्ड चैम्पियन और तीन बार की पैरालंपिक पदक विजेता हैं, ने भारत की मेहमाननवाज़ी की खूब सराहना की। उन्होंने लंबी कूद और 100 मीटर टी64 श्रेणी में दो गोल्ड मेडल जीते।
फ्ल्योर जोंग ने कहा,
“भारत में मेरा अनुभव शानदार रहा। लोग, अधिकारी, वॉलंटियर्स और मेडिकल स्टाफ सभी बहुत सहयोगी थे। आयोजन बहुत अच्छे तरीके से किया गया और मैं भविष्य में फिर भारत आने की आशा करती हूँ।”
दीपा मलिक, पैरा गेम्स की पदक विजेता और अनुभवी प्रशासक ने कहा कि यह आयोजन भारत में पैरा एथलेटिक्स का सबसे बड़ा उत्सव रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सरकार और नागरिकों को पैरा एथलीट्स की उपलब्धियों का सही सम्मान देना चाहिए।
पैरालंपिक पदक विजेता अमित सरोहा ने कहा,
“यह भारत में अब तक का सबसे बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय आयोजन था। खिलाड़ियों को दी गई इन्फ्रास्ट्रक्चर, रहने की सुविधा, भोजन और परिवहन जैसी सुविधाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ हैं।”
तीन बार के वर्ल्ड चैम्पियन सुमित अंतिल ने कहा कि टीओपीएस स्कीम ने भारतीय पैरा एथलीट्स के प्रदर्शन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय एथलीटों की भारत में तारीफ
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जर्मनी के मार्कस रेम: “भारत में हर पल मैंने बहुत एंजॉय किया। मेहमाननवाज़ी शानदार थी।”
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कनाडा के ग्रेग स्टीवर्ट: “भारतीय संस्कृति अलग है लेकिन स्वागत अद्भुत रहा।”
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अमेरिका के डेरेक लोसीडेंट: “नई दिल्ली में मेरा अनुभव शानदार रहा। भोजन और आयोजन सभी अद्भुत थे।”
निष्कर्ष:
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 ने साबित कर दिया कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय पैरा स्पोर्ट्स आयोजनों के लिए पूरी तरह सक्षम है। इससे न केवल देश के एथलीट्स को विकास के अवसर मिलेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान और सम्मान भी बढ़ेगा।
