विश्व खाद्य दिवस पर मॉडल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम
विद्यार्थियों को जंक और फास्ट फूड से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति किया जागरूक
पलेरा। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को खानपान की आदतों और स्वास्थ्य के बीच संबंध समझाना तथा बढ़ते जंक फूड और फास्ट फूड के सेवन से होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक करना था।
संस्था के प्राचार्य कौशल किशोर राजपूत ने कहा कि बच्चों और युवाओं में जंक फूड तथा फास्ट फूड का सेवन बढ़ रहा है। स्वाद और आसानी से उपलब्ध होने के कारण कई विद्यार्थी ऐसे खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि खानपान के प्रति जागरूकता और सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि भोजन का सीधा संबंध शरीर के स्वास्थ्य और दिनचर्या से है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में टीकमगढ़ से आए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष जैन, बुंदेलखंड दुग्ध संघ के मैनेजर रोहित नामदेव और सुपरवाइजर पराग सोनी ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने खाद्य पदार्थों के चयन और सुरक्षित खानपान के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से अपने भोजन को लेकर सजग रहने और खाद्य पदार्थों के प्रति सावधानी बरतने की अपील की।
प्राचार्य राजपूत ने कहा कि विद्यालयों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाने में मदद करते हैं। बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा स्कूल में बिताते हैं, इसलिए उन्हें खानपान से जुड़े सही संदेश देना महत्वपूर्ण है। जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी संतुलित तथा सावधानीपूर्ण खानपान के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
“फास्ट फूड बच्चों का बचपन छीन रहा है”

प्राचार्य ने कहा कि फास्ट फूड बच्चों के बचपन और उनकी दिनचर्या पर असर डाल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल स्वाद के आधार पर भोजन का चुनाव न करें और खाने-पीने की आदतों के प्रति सजग रहें। विश्व खाद्य दिवस जैसे अवसर भोजन, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के महत्व पर विचार करने का मौका देते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि खानपान को लेकर छोटी-छोटी सावधानियां भी उपयोगी हो सकती हैं। किसी खाद्य पदार्थ को लेने से पहले उसकी गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। विद्यालय स्तर पर ऐसी चर्चाएं विद्यार्थियों को भोजन के प्रति समझ विकसित करने में सहयोग देती हैं।
शिक्षक और विद्यार्थी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की और खाद्य सुरक्षा तथा स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी आवश्यक है। विश्व खाद्य दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक प्रयास रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को खानपान में सावधानी बरतने और जंक फूड के बढ़ते सेवन के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
