विश्व अल्जाइमर दिवस पर जिला भोज चिकित्सालय में जागरूकता कार्यक्रम
डॉ. मोनिका भावसार ने अल्जाइमर के लक्षणों, उपचार और देखभाल की दी जानकारी
धार/मनावर। विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर 21 सितंबर को जिला भोज चिकित्सालय, धार के वृद्धजन वार्ड में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को अल्जाइमर बीमारी और डिमेंशिया के प्रति जागरूक करना तथा इसके लक्षणों की समय पर पहचान, उपचार और देखभाल के महत्व की जानकारी देना रहा।
अल्जाइमर बीमारी के लक्षणों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मनोवैज्ञानिक डॉ. मोनिका भावसार ने अल्जाइमर बीमारी के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त धीरे-धीरे कम होने लगती है। बीमारी से प्रभावित व्यक्ति को दैनिक कार्यों, परिचित लोगों और आवश्यक जानकारियों को याद रखने में परेशानी हो सकती है।
डॉ. भावसार ने बीमारी से जुड़े उपचार और देखभाल के संबंध में भी समझाइश दी। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर से प्रभावित लोगों के प्रति परिवार के सदस्यों और समाज को संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना चाहिए।
समय पर पहचान करना जरूरी
वर्ष 2026 की थीम “जितनी जल्दी आपको पता चलेगा, उतना ही आप कर पाएंगे” के माध्यम से अल्जाइमर के लक्षणों की समय पर पहचान के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि शुरुआती लक्षणों को पहचानकर चिकित्सकीय सलाह लेना और उचित देखभाल की दिशा में कदम उठाना आवश्यक है।
अल्जाइमर के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश
विश्व अल्जाइमर दिवस का मुख्य उद्देश्य अल्जाइमर और डिमेंशिया से जुड़ी जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। इस अवसर पर लोगों से अपील की गई कि वे बीमारी से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति रखें। साथ ही, अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को सहयोग प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
