—Advertisement—

Noida में वेतन वृद्धि आंदोलन हिंसक, आगजनी, पथराव और पुलिस झड़प से हालात बेकाबू, औद्योगिक क्षेत्र में तनाव और यातायात ठप

Author Picture
Published On: 13 April 2026
Noida

—Advertisement—

Noida में वेतन वृद्धि आंदोलन हिंसक, आगजनी और पथराव से बिगड़े हालात

उत्तर प्रदेश के Noida में वेतन बढ़ोतरी को लेकर चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को अचानक हिंसक रूप ले बैठा। पिछले तीन से चार दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से जारी प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप धारण कर लिया जब बड़ी संख्या में कर्मचारी अलग-अलग कंपनियों से निकलकर सड़कों पर उतर आए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध शुरू कर दिया।

प्रदर्शन ने पकड़ा उग्र रूप

सोमवार को नोएडा के कई औद्योगिक सेक्टरों में स्थिति तेजी से बिगड़ गई। खासकर फेज-2 क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सीधा टकराव देखने को मिला। गुस्साई भीड़ ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र आंदोलन में बदल गया।

कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी, ओवरटाइम भुगतान और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन अचानक हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।

आगजनी और तोड़फोड़ से फैली दहशत

प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सेक्टर-84 में चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि मदरसन कंपनी के पास भी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया।

प्रदर्शनकारियों ने कुछ कंपनी परिसरों में घुसकर संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और खिड़कियां, गेट व अन्य सामान तोड़ दिए। अचानक हुई इन घटनाओं से औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोग भी भयभीत हो गए।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मी घायल हो गए।

इसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

सड़कों पर जाम, यातायात ठप

प्रदर्शन का असर पूरे नोएडा के यातायात पर पड़ा। सेक्टर-59, 60, 62 और 63 जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया। कई जगह लोग सड़क पर बैठ गए और वाहनों के सामने लेटकर आवाजाही रोक दी।

इससे आम नागरिकों और ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई रास्तों पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही।

NH-9 और आसपास के क्षेत्रों पर असर

प्रदर्शन का प्रभाव नेशनल हाईवे-9 तक पहुंच गया, जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों की भीड़ जमा हो गई। इसके चलते यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और वाहनों को सर्विस लेन से डायवर्ट करना पड़ा।

इंदिरापुरम की ओर जाने वाले अंडरपास को भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया, जिससे आवाजाही और अधिक प्रभावित हुई।

महिला कर्मचारियों की भागीदारी

इस आंदोलन में महिला कर्मचारियों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कई जगहों पर महिला प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और नारेबाजी की। हालांकि, कुल मिलाकर माहौल तनावपूर्ण और अस्थिर बना रहा।

प्रशासन और पुलिस की बैठकें

घटना से पहले रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और औद्योगिक प्राधिकरण के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा करते हुए समाधान का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद सोमवार को स्थिति अचानक बिगड़ गई।

प्रशासन अब हालात को नियंत्रित करने और आगे की रणनीति बनाने में जुटा है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांगों में शामिल हैं—

  • न्यूनतम वेतन को 13 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करना
  • ओवरटाइम का उचित भुगतान
  • छुट्टियों और कार्य समय में सुधार
  • कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा

कर्मचारी लंबे समय से इन मांगों को लेकर असंतोष जताते रहे हैं।

सीएम योगी का सख्त रुख

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का 24 घंटे के भीतर समाधान किया जाए।

सीएम ने यह भी कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की सतर्कता जारी

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है।

निष्कर्ष

नोएडा में शुरू हुआ वेतन वृद्धि आंदोलन अब हिंसा और अराजकता के दौर में पहुंच गया है। जहां एक ओर कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंसक घटनाओं ने पूरे औद्योगिक माहौल को प्रभावित किया है।

अब सबकी नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी है, जिससे स्थिति सामान्य हो सके और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp