शासकीय कन्या महाविद्यालय नागदा में पौधारोपण के साथ हिंदी पखवाड़ा का समापन
विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने लिया हिस्सा, विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
नागदा, उज्जैन। शासकीय कन्या महाविद्यालय नागदा में सेवा संकल्प अभियान के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड रिबन क्लब तथा स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम का समापन भी हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं, महाविद्यालय के प्राध्यापकों और स्टाफ सदस्यों ने सहभागिता की।
हिंदी पखवाड़े में आयोजित हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं
हिंदी पखवाड़े के दौरान छात्राओं को भाषा एवं साहित्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला। इस दौरान श्रुतिलेखन, निबंध लेखन, भाषण, पोस्टर निर्माण, प्रश्नोत्तरी, बारहखड़ी उच्चारण और काव्य पाठ सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा, साहित्य और उसके विविध आयामों से संबंधित ज्ञानवर्धक जानकारी दी गई। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. अर्चना करंदीकर ने हिंदी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने हिंदी भाषा से जुड़े विभिन्न रोचक प्रसंग साझा करते हुए विद्यार्थियों को भाषा के महत्व से परिचित कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण चंद्र मिश्रा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने में हिंदी भाषा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से छात्राओं को बताया कि भारतीय ज्ञान, साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने में मातृभाषा और हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान है।
छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह
निबंध प्रतियोगिता में निकिता, संध्या, निकिता विधिका, मधुबाला, चेतना, सलोनी और डॉली ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं बारहखड़ी के सही उच्चारण में शिवानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अलका चौहान ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा है। उन्होंने हिंदी के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान महत्व और भाषा के माध्यम से बढ़ते रोजगार के अवसरों की जानकारी छात्राओं को दी।
‘विकसित भारत’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘विकसित भारत’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें संध्या राठौर, श्रिया, निर्मला राठौर, कुंदन सहित अन्य विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों और प्रस्तुतियों के माध्यम से विषय के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।
कार्यक्रम का संचालन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. उदयवीर सिंह गुर्जर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. आसाराम चौहान ने किया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत चीकू का पौधा रोपा
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में चीकू का पौधा भी रोपा गया। छात्राओं ने पौधे की देखभाल और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और पौधों की नियमित देखभाल के महत्व पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में प्रो. डी.के. बुधौलिया, डॉ. लालजी साहनी, क्रीड़ा अधिकारी रचित चौहान, डॉ. अंजुली कांठेड़ सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। हिंदी पखवाड़े के समापन और पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से भाषा, साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।
