सिंहस्थ 2028 को लेकर नागदा की उपेक्षा क्यों? प्रमुख पड़ाव बनाने की मांग
कांग्रेस नेता बसंत मालपानी बोले- उज्जैन के साथ नागदा में भी हो बड़े विकास कार्य, यातायात, पार्किंग और सुविधाओं का हो विस्तार
Nagda । उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर जहां उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास की तैयारियां शुरू हो गई हैं, वहीं नागदा को लेकर कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित नागदा सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव बन सकता है, लेकिन शहर में अभी तक सिंहस्थ की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोई बड़ी और स्पष्ट विकास योजना दिखाई नहीं दे रही है।
मालपानी ने कहा कि सिंहस्थ का प्रभाव केवल उज्जैन शहर तक सीमित नहीं रहेगा। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही आसपास के शहरों और प्रमुख मार्गों पर भी बढ़ेगी। ऐसे में नागदा में अभी से यातायात, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
Nagda को वैकल्पिक पड़ाव के रूप में विकसित करने की मांग
कांग्रेस नेता ने मांग की कि नागदा को सिंहस्थ के दौरान वैकल्पिक ठहराव एवं यातायात केंद्र के रूप में विकसित करने की ठोस योजना बनाई जाए। उन्होंने शहर की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत बताई।
मालपानी के अनुसार, शहर में पर्याप्त पार्किंग स्थलों का विकास, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था में विस्तार, सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के अस्थायी ठहराव के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि अभी से इन सुविधाओं के लिए योजना तैयार की जाती है तो सिंहस्थ के दौरान नागदा पर बढ़ने वाले अतिरिक्त दबाव को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सकेगा।
नए मास्टर प्लान पर भी जोर
बसंत मालपानी ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए नागदा के लिए नवीन मास्टर प्लान तैयार करने की दिशा में तेजी से काम करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भविष्य में शहर का अनियोजित विस्तार न हो, इसके लिए आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और यातायात क्षेत्रों का बेहतर नियोजन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के लिए तैयार की जाने वाली योजनाओं में नागदा को केवल रास्ते में आने वाले शहर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि क्षेत्रीय विकास के संभावित केंद्र के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए।
विशेष पैकेज और समयबद्ध स्वीकृति की मांग
मालपानी ने शासन और प्रशासन से मांग की कि सिंहस्थ अधोसंरचना योजना के तहत नागदा के लिए आवश्यक विकास कार्यों की सूची तैयार की जाए। उन्होंने इन कार्यों के लिए विशेष पैकेज अथवा अन्य उपयुक्त योजना के माध्यम से समयबद्ध स्वीकृति देने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए अभी पर्याप्त समय है। यदि नागदा में आवश्यक विकास कार्य समय रहते शुरू किए जाते हैं तो यातायात और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी संभावित चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है।
